मिर्जापुर। सामान्य निर्वाचनों में घटता हुआ मतदान सदैव से ही देश के लिए चिंता का विषय रहा है। हालांकि इधर कुछ वर्षों से हो रहे प्रयासों के कारण मतदान प्रतिशत सुधरा है।
मतदाता जागरूकता के लिए शासन के स्तर से स्वीप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत रंगोली बनाओ प्रतियोगिता, पिंक मार्च व मतदाता पाठशाला जैस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं दिव्यांगों की रैली व दिव्यांगों के क्रिकेट मैच के द्वारा भी मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन प्रयासों से मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जिले में 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार इस प्रतिशत को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जागरूकता की कमी से ही मतदाता अपना मत डालने मतदान केंद्रों तक नहीं जाते हैं जिससे लोकतंत्र के उद्देश्य को हासिल करने में अड़चन आती है।
उधर, जिले के ऐसे बूथ जहां पर पिछले चुनाव में 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। वहां पर मतदाता पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। जिले में लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में कुल दो सौ छह बूथ ऐसे थे जहां पर 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। इसमें जीरो से 30 प्रतिशत तक मतदान वाले पांच बूथ तथा 30 से 50 प्रतिशत तक के मतदान वाले दो सौ एक बूथ हैं। इसके लिए छानबे विधानसभा क्षेत्र के किशुनपुर में, जहां पर पिछले चुनाव में 30 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार पिंक मार्च निकाला जाना प्रस्तावित है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया गया है। इसी प्रकार चुनार के पीडीएनडी इंटर कालेज में दिव्यांगों का क्रिकेट मैच प्रस्तावित है।