प्रमुख राजघराने और उनके पुरोहित
ग्वालियर स्टेट- शेखर शरण उपाध्याय, धमरुआ स्टेट व भिनगा स्टेट- त्रियोगी नारायण मिश्र, टिहरी गढ़वाल नरेश- कृष्ण लाल द्विवेदी, गौतम द्विवेदी।
विंध्याचल में सिखों के भी हैं पुरोहित
पुरोहित गौतम द्विवेदी के पास गुरु गोविंद सिंह जी के हुक्मनामे से जुड़े पत्र हैं। उनका दावा है कि पीढ़ियों से पहले गुरु गोविंद सिंह जी और महाराजा रणजीत सिंह ने भी मां के दरबार में मत्था टेका था। उनकी मुहर, गुरुमुखी में अभिलेख उनके पास मौजूद हैं। रतनगंज गुरुद्वारे से इसका परीक्षण भी कराया गया था। कुछ लेख फारसी में हैं।
गौतम द्विवेदी का कहना है कि हमारा परिवार सिख धर्म के पुरोहित के रूप में जाना जाता है। हुक्मनामा के आधार पर सिखों के लिए कहा गया है कि जो भी सिख दर्शन करने आएगा, इस परिवार के माध्यम से मंदिर में पूजन करने जाएगा।
पंडा समाज के अध्यक्ष बोले
कन्नौज का तिरवा स्टेट मां विंध्यवासिनी की कृपा आगे बढ़ा। इसी वजह से राजा का नाम दुर्गा नारायण सिंह पड़ा। हमारे परिवार के वो यजमान हैं। ऐसे 15-20 प्रमुख परिवार हैं, जो यहां के जमींदार भी कहे जाते हैं और उनका नाता किसी न किसी स्टेट से पीढ़ियों से चला आ रहा है। -पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष श्री विंध्य पंडा समाज