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विंध्य के दरबार में उमड़े

Sat, 16 Jan 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला/मिर्जापुर
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 मकर संक्रांति पर्व पर विंध्यधाम में जगत जननी के भव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुटी। भोर में मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा। फूलों से किया गया जगत जननी का भव्य श्रृंगार दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
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आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। गंगा स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे नर-नारियों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से शीश झुकाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मकर संक्रांति पर जहां एक ओर महिलाओं ने हलवा-पूड़ी का भोेग लगाकर मंगलकामना की, वहीं पुरुष भक्ताें ने नारियल-चुनरी, माला-फूल, रोरी-रक्षा, लाचीदाना व प्रसाद आदि चढ़ाया। मंदिर पहुंचने के बाद किसी ने गर्भगृह में जाकर तो किसी ने झांकी से मां विंध्यवासिनी के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। विंध्याचल की थाना गली, पक्काघाट गली, जैपुरिया गली, न्यू वीआईपी व पुरानी वीआईपी गली में लगी लंबी कतार में खड़े श्रद्धालु मां का जयकारा लगाते मंदिर की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्ताें ने विंध्याचल मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर विधिवत पूजन-अर्चन किया।

 मंदिर के छत पर जहां एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच साधक साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए वहीं दूसरी ओर शहनाई और नगाड़े की थाप के बीच अधिकांश लोग मुंडन संस्कार कराने में जुटे रहे। विंध्याचल में जगत जननी का दर्शन-पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ पर विराजमान मां काली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में जाकर पूजन-अर्चन किया।  
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