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वंदे मातरम गीत ही नहीं, देश की आत्मा व शाश्वत मंत्र है : प्रो. मिश्र

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बीएचयू के बरकछा ​स्थित राजीव गांधी द​क्षिणी परिसर में आयोजित राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक ग
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मिर्जापुर। वंदेमातरम के 150 गौरवशाली वर्षों के इस ऐतिहासिक अवसर पर बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में शुक्रवार को परिसर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया।
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प्रो. वीके मिश्र ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, भारत की आत्मा और राष्ट्रभाव का शाश्वत मंत्र है। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरक बना रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक कई पीढ़ियों ने इससे देशभक्ति की प्रेरणा पाई है।
300 लोगाें ने राष्ट्रगीत गाया। आचार्य प्रभारी प्रो. वीके मिश्र के निर्देश पर सभी शिक्षक, विद्यार्थी, गैर-शैक्षिक कर्मचारी और अधिकारी नव व्याख्यान संकुल में राष्ट्र समर्पण की भावना से उपस्थित हुए।
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राष्ट्रगीत गायन के बाद वरिष्ठ शिक्षक प्रो. आशीष सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए देश की आजादी में राष्ट्रगीत के अहम योगदान को समझाया। इसके साथ ही 10 बजकर 35 मिनट पर प्रधानमंत्री के संबोधन के सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई। संचालन छात्र सलाहकार डॉ. राजीव कुमार ने किया। समन्वय उपमुख्य आरक्षाधिकारी डॉ. मनोज मिश्रा ने किया।
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