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मिर्जापुरः रुद्राभिषेक के बाद पूजन सामग्री प्रवाहित करने गए फुफेरे भाइयों की नदी में डूबने से मौत, घर में मचा कोहराम

Sat, 21 Aug 2021 05:47 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

महेश्वर दुबे का 17 वर्षीय पुत्र सत्यम अपने फुफेरे भाई 16 वर्षीय रितेश उर्फ ऋषि चौबे पुत्र मनोज चौबे निवासी सीतामढ़ी बनकट के साथ कर्णावती नदी में पूजन सामग्री प्रवाहित करने गया था। इस दौरान गहरे जल में जाने से रितेश डूबने लगा। उसे बचाने में सत्यम भी नदी में डूब गया।
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मृतक के घर पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र के कर्णावती नदी में शनिवार की सुबह सात बजे पूजन सामग्री प्रवाहित करने गए दो किशोर नदी में डूब गए। सूचना पर पहुंचे परिजन दोनों को बाहर निकाल कर मंडलीय अस्पताल ले गए। जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।  विंध्याचल थाना क्षेत्र के महुआरी खुर्द गांव निवासी गंगाप्रसाद दुबे के यहां शुक्रवार को रुद्राभिषेक किया गया था।

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उनकी बहन और पुत्री के परिवार के लोग भी शामिल होने आए थे। शनिवार की सुबह गंगा प्रसाद का पौत्र सत्यम दुबे (16) पुत्र महेशधर दुबे अपने फुफेरे भाई रितेश (12) पुत्र मनोज चौबे निवासी सीतामढ़ी बनकर भदोही के साथ कर्णावती नदी में पूजन सामग्री प्रवाहित करने गए थे। घाट पर कीचड़ व फिसलन थी।

सत्यम बाल्टी में पूजन सामग्री लेकर प्रवाहित करने बढ़ा कि वह कीचड़ में फंस गया। सत्यम को फिसलते देखकर ऋषि चौबे ने अपनी बेल्ट खोलकर सत्यम को पकड़ाया। सत्यम बाहर आने का प्रयास करने लगा। इसी कशमकश में दोनों नदी में गिर कर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट से कुछ दूर पर मछली पकड़ने आए युवकों ने शोर सुना तो गांव में जाकर सूचना दी।
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मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने प्रयास कर आधे घंटे बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला और मंडलीय अस्पताल लेकर आए। जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

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दोनों माता-पिता के इकलौते पुत्र 

कर्णावती नदी में डूबने से सत्यम और उसके फुफेरे भाई ऋषि चौबे की मौत के बाद दोनों परिवारों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों किशोर माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। सत्यम  दो बहनों मीनू व अंशू के बीच इकलौता भाई था। वह अपनी बहन मीनू के घर नगर के राजा विजयपुर की कोठी में रह कर रतनगंज स्थित एक स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ रहा था।

वहीं, ऋषि चौबे भी अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। वह अपनी मां उर्मिला देवी के साथ ननिहाल में पूजा में शामिल होने आया था। ऋषि चौबे तीन बहनो में का इकलौता भाई था। गंगाप्रसाद दुबे के दो पुत्रों मे श्यामधर दुबे व महेश धर दुबे हैं। महेशधर दुबे स्वास्थ्य विभाग मे नौकरी करते थे। वह हलिया मे तैनात थे। 14 वर्ष से वह लापता हैं। परिवार के लोगों को अभी महेशधर के आने का इंतजार था कि उनके इकलौते पुत्र की मौत हो गई।
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