शहर कोतवाली क्षेत्र के बाबा घाट पर शनिवार को सुबह स्नान कर रहे तीन किशोर डूबने लगे। इनमें से स्थानीय लोगों के प्रयास से एक किशोर को बचा लिया गया। दो चचेरे भाई गंगा नदी में गहरे जल में जाने डूब गए। सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू कराई। बाद में एनडीआरएफ टीम ने भी मौके पर पहुंच कर तलाश शुरू की। सुबह 11 बजे पहला और 12 बजे दूसरे का शव बरामद हुआ। घटना के बाद घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मचा रहा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के वासलीगंज घास की गली निवासी शुभ केशरवानी (15) पुत्र राजकुमार केशरवानी अपने चचेरे भाई आर्यन केशरवानी (14) पुत्र गोविंदो केशरवानी के साथ लालडिग्गी पार्क घूमने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। दोनों अपने अन्य साथियों के साथ नगर के बाबा घाट पर स्नान करने पहुंच गए। घाट पर छह किशोर पहुंचे थे। उनका एक साथी घाट के ऊपर मोबाइल पर कुछ कर रहा था। पांच किशोर गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। शोभित और पार्थ गंगा में किनारे ही थे। शुभ, आर्यन और राहुल गंगा नदी में स्नान करने आगे चले गए। शुुभ केशरी गहरे जल में जाने से डूब गया। उसे डूबते देख आर्यन और राहुल आगे गए। दोनों को डूबते देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया। घाट पर मौजूद एक युवक ने राहुल को बचा लिया, लेकिन तब तक आर्यन भी डूब गया। स्थानीय लोगों ने जानकारी लेकर उनके परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर शहर कोतवाल अरविंद मिश्रा मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। दो-तीन घंटा बीतने के बाद पुलिस ने एनडीआरएफ टीम को बुलाया। एनडीआरएफ टीम भी मौके पर पहुंची। तलाशी अभियान के दौरान लोगों की भीड़ जुट गई थी, जबकि गंगा में डूबे बच्चों के परिजनों में कोहराम मचा था। इस बीच सुबह करीब 11 बजे आर्यन और दोपहर 12 बजे शुभ का शव बदली घाट के सामने मिला। शव बाहर निकलते पर बच्चों की मां और परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गंगा में डूबने से मृत दोनों चचेरे भाई अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। राजकुमार केशरवानी और गोविंदो केशरवानी सगे भाई हैं। दोनों की वासलीगंज में साइकिल की दुकान है। राजकुमार केशरवानी से दो पुत्रियां और एक पुत्र शुभ है। गोविंदो केशरवानी से एक पुत्री और एक पुत्र आर्यन है। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। डूबे किशोरों की तलाश में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम लगी थी। एनडीआरएफ की टीम ने गंगा घाट पर पहुंचने पर पहले अपने नाव को तेजी से नचाया, ताकि गंगा में डूबे बालक सतह आ जाएं, परंतु उनका पता नहीं चला। इसके बाद स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम डूबे बच्चों की तलाश में जुट गई। स्थानीय गोताखोर लोलारक, सरजू, रामकुमार, गनेशु, अजय, बिगग्गड, राजकुमार, रामबाबू ने शव को बाहर निकाला।