ददरा गांव निवासी छोटेलाल के पुत्र धर्मेंद्र के अपहरण और धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने शनिवार को सपा नेता के भाई को वाराणसी के सुंदरपुर तिराहा के पास और तहसील के कंप्यूटर आपरेटर को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
ददरा गांव निवासी धर्मेंद्र के लापता होने के मामले में पिता छोटेलाल ने छह माह पूर्व सपा नेता के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मड़िहान थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि मुकदमा वापस कराने के लिए छोटेलाल का भी अप्रैल में अपहरण कर लिया गया था। मड़िहान पुलिस ने छोटेलाल को चुनार क्षेत्र के एक गांव से बरामद कर सपा नेता शैलेश पटेल समेत सात आरोपियों को जेल भेज दिया। शैलेश पटेल द्वारा छोटेलाल का अपहरण करने पर धर्मेंद्र के अपहरण की भी आशंका जताई गई। विवेचना के दौरान मामला प्रकाश में आया कि भूमिहीन धर्मेंद्र के नाम पर फर्जी खतौनी तैयार कर रजिस्ट्रेशन को तहसील कर्मियों की मिली भगत से सत्यापित करा लिया गया। इससे धान का लाखों रुपये धर्मेंद्र के खाते में चला गया। आरोप है कि उसी पैसे को धर्मेंद्र से बार बार मांग की जा रही थी। पैसा नहीं मिला तो उसका अपहरण कर उसे लापता कर दिया गया। पुलिस दोनों मामले की जांच कर थी। इस बीच शनिवार को पुलिस ने अपहरण और धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सपा नेता शैलेश पटेल के भाई ममतेश पटेल निवासी ददरा राजगढ़ और कंप्यूटर आपरेटर संदीप पाल निवासी देवरी कला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक सीओ आपरेशन अजय राय ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। जो भी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि धान खरीद व खतौनी रजिस्ट्रेशन में सत्यापन के मामले में तहसील के अधिकारी, विपणन निरीक्षक समेत लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।