मिर्जापुर। मुंबई के टीआरपी घोटाले में सोमवार को तुलापुर से गिरफ्तार आरोपी को मुंबई क्राइम ब्रांच और कछवां पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को लेकर मुंबई चली गई। इससे पहले सुबह एएसपी सिटी संजय कुमार ने पत्रकार वार्ता कर आरोपी के बारे में जानकारी दी।
टीआरपी घोटाले की जांच पड़ताल में मुंबई पुलिस को पता चला कि एक आरोपी मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के अपने गांव तुलापुर में है। इस पर मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट वन के उपनिरीक्षक सुभाष मठे, हेड कांस्टेबल जितेंद्र क्षेड़गे और कांस्टेबल विनोद मादले सोमवार को मिर्जापुर आए। यहां एसपी को जानकारी देने के बाद टीम कछवां गई। कछवां थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र राय की टीम के साथ मुंबई क्राइम ब्रांच ने शाम को तुलापुर गांव से आरोपी विनय त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को एएसपी सिटी संजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि विनय तिवारी के माता-पिता मुंबई में ही रहते हैं। उसकी पढ़ाई भी वहीं से हुई है। विनय तिवारी मुंबई में एक कंपनी में ऑपरेटर है। यह कंपनी टीआरपी रेटिंग मशीन बैरोमीटर लोगों के घरों में लगाती है। बताया कि टीआरपी रेटिंग बढ़ाने के लिए लोगों को पैसा देकर आपरेटर की मर्जी से एक निश्चित चैनल देखने के लिए कहा जाता था। इससे उस चैनल की टीआरपी बढ़ जाती है। आरोपी पर मुंबई के कांदिवली थाने में धोखाधड़ी, षड्यंत्र और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। दोपहर में कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच टीम ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया। इसके बाद आरोपी को लेकर फ्लाइट से मुंबई चली गई।