फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अशांत गंगा, पानी घुसने से बुनकरों की मशीनें खराब, बोले- कब तक ऐसा रहेगा हम नहीं जानते

Sat, 21 Sep 2019 08:48 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
बस्तियों में घुसा पानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गंगा के जलस्तर ने अब तबाही मचानी शुरू कर दी है। गांव तो चपेट में आए ही हैं, शहर की कई कॉलोनियां भी बाढ़ की चपेट में हैं। पूरी की पूरी बस्तियों में पानी भर चुका है। घर खाली हो चुके हैं और लोग ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेकर मुश्किलों भरे दिन काट रहे हैं। शनिवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने की गति की कमी तो आई, लेकिन यह थमी नहीं है। वहीं 

विज्ञापन


केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई बारिश के चलते यमुना, चंबल, केन और बेतवा सहित कई सहायक नदियों से पानी बढ़ा है। इसी कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।

 



शनिवार शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 71.83 मीटर पहुंच चुका था। जबकि जलस्तर में वृद्धि की दर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी की सहायक नदियां वरुणा और असि भी उफान पर हैं और तबाही मचा रही हैं। इनके पानी से शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, गंगा से सबसे ज्यादा सामने घाट का इलाका प्रभावित हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण शहर के निचले इलाकों में इमारतें आंशिक रूप से जलमग्न हो गईं। बुनकरों की मशीनें भी आंशिक रूप से जलमग्न हैं, बुनकर कहते हैं, "हम नहीं जानते कि यह कब तक जारी रहेगा। इन मशीनों को साफ करने में कई महीने लगेंगे। हमें नुकसान होगा।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें