नगर में अमृत योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। न तो अभी तक कोई कनेक्शन हुआ है और न ही पटरियों की मरम्मत की गई है। इससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह कोई एक गली या सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे नगर क्षेत्र की है।
अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए लगभग चार सौ करोड़ की परियोजना पर काम हो रहा है। इसके तहत अन्य कार्यों के साथ ही पूरे नगर पालिका क्षेत्र में पाइप लाइन भी डाली जा रही है। इसके लिए पूरे नगर की पटरियों की खोदाई कर पाइप लाइन तो डाल दी गई, लेकिन पटरियों की मरम्मत अभी तक नहीं कराई गई है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में अमृत योजना के तहत जलापूर्ति व सीवर लाइन के लिए करीब चार सौ करोड़ रुपये का बजट है। इस बजट से गंगा नदी से पानी लिफ्ट करके उसे शुद्ध करके हर घर नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत 203 किमी सीवर लाइन भी डाली जानी है। इसका कार्य जिले में तेजी से चल रहा है, लेकिन कार्य बीच में रुकने और विभागीय लापरवाही से लोग परेशान हैं। सीवर लाइन का कार्य पूरा होने की समय सीमा 29 दिसंबर 2023 निर्धारित है, इसके बावजूद सीवर लाइन, सड़क व पटरियों की मरम्मत के कार्य में तेजी नहीं लाई जा रही है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिशासी अभियंता अफजाल का कहना है कि सड़क की पटरियां बनवाई जाएंगी, लेकिन उसके पहले सीवर लाइन भी डाली जाएगी। यदि अभी पटरियां बन जाएंगी तो सीवर लाइन डालने के लिए उसे फिर से तोड़ना पड़ेगा।