मिर्जापुर। यातायात पुलिस की नाकामियों के चलते नगर में यातायात व्यवस्था बेपटरी है। कई सालों से चल रही नगर में वाहन स्टैंड की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इस कारण नगर की सड़कों पर ही गाड़ियां सवारियों को बैठाती हैं। इससे सड़क पर जाम की समस्या तो उत्पन्न होती है। वहीं हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। दो वर्ष से नए यातायात पुलिस ने वाहन स्टैंड की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
नगर में जाम की समस्या लगातार बनी रहती है। नगर में लगने वाले जाम की सबसे बड़ी समस्या वाहन स्टैंड की है। कोई भी स्थायी वाहन स्टैंड नहीं है। जो भी अस्थायी वाहन स्टैंड हैं, वह सड़कों पर ही बने हैं। नगर में जहां भी अस्थायी वाहन स्टैंड हैं, वह सड़कों पर या फिर पटरियों पर ही हैं। टीबी कालोनी तिराहे पर वाहन स्टैंड बना है। आटो सड़क पर ही खड़ा होकर सवारियों को बैठाते हैं। इससे जाम की नौबत उत्पन्न हो जाती है। टीबी कालोनी तिराहा व्यस्ततम तिराहा है। यहां अस्पताल के लिए एंबुलेंस और अधिकारियों के वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी वाहन स्टैंड बना हुआ है। दूसरा स्टैंड नगर के घोड़े शहीद के पास है। यहां वाहन पटरियों पर खड़े होते हैं। बथुआ में भी वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं। वाहनों को सड़क पर खड़ा कर सवारियों को बैठाने के चलते जाम तो लगता ही है, साथ ही हादसे की आशंका बनी रहती है। यातायात पुलिस पिछले दो वर्ष से वाहन स्टैंड की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। यातायात पुलिस की लापरवाही के कारण ही लॉकडाउन के दौरान जब सड़कों पर वाहनों की संख्या कम थी। इसके बाद भी नगर में जाम लग जा रहा था।
स्थायी वाहन स्टैंड के लिए नगरपालिका से जमीन उपलब्ध कराने आदि के लिए बात किया गया है। अभी जमीन न मिलने से स्थायी वाहन स्टैंड नहीं बन सका है। इस पर कार्य किया जा रहा है।
सुधीर कुमार, सीओ यातायात