रविवार की रात आई आंधी और तेज बारिश के कारण सोमवार को कई मार्गों पर जल भराव हो गया। इसके चलते आवागमन प्रभावित रहा। आंधी में कई लोगों के घरों पर लगे टिन और छप्पर उड़ गए। पेड़ व उसकी डालियां टूटकर गिरने से सुबह कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित रहा।
रविवार को तेज धूप, उमस के बीच देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ ही जमकर बारिश हुई। आंधी के कारण रात में घरों से उड़े टिन और छप्पर काफी दूर जा गिरे। बारिश के चलते पूरी रात अधिकांश क्षेत्रों की बिजली गायब रही। अंधेरे में ही लोगों को रात गुजारनी पड़ी। सिटी विकास खंड के लाहंदीकला स्थित महावीर मंदिर से पहले कुछ लोगों के मकान व दुकान के सामने लगे टिन शेड उड़ गए। बेदौली न्याय पंचायत में कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित रही। कछवां क्षेत्र में आंधी और पानी से लोगों की छतों से टिन शेड उड़ गए। सड़कों पर लगे होर्डिंग्स क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क किनारे पेड़ की शाखाएं टूटकर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। करसड़ा गांव निवासी मुकुटधारी बिंद के कच्चे मकान पर शीशम का पेड़ गिरने से अंदर सो रहे परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। आंधी और पानी से आम सहित सब्जियों की फसलों का काफी नुकसान हुआ। हलिया क्षेत्र में आंधी और पानी से कई लोगों के टिन शेड उड़ गए और कुछ लोगों के कच्चे मकानों के छप्पर भी गिर गए। उधर, अमृत जल योजना व सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के कारण स्टेशन रोड पर कीचड़ लग जाने से सोमवार को राहगीरों पर आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार की रात हुई बारिश के कारण सोमवार की सुबह स्टेशन मार्ग की सड़क कीचड़ से सनी रही। इसके चलते पीलीकोठी तिराहा से वाराणसी बस स्टैंड तक आवागमन में राहगीरों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। रोडवेज बस स्टैंड गेट सहित परिसर में जगह-जगह जलभराव से यात्री परेशान रहे। उधर, रविवार की देर रात आंधी एवं बारिश के कारण आस्थाधाम में पटेगरा नाला पुल के नीचे जलभराव होने से आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। सोमवार को सुबह आजमगढ़ से 16 सदस्यों के साथ विंध्याचल मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन करने आ रहे श्रद्धालुओं का वाहन पुल के नीचे जलभराव में फंसकर बंद हो गया। गहरे पानी में फंसे वाहन पर सवार लोग किसी तरह से बाहर निकलकर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचे। सुबह जेसीबी के सहारे किसी तरह से वाहन को बाहर निकाला गया। विंध्याचल धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को शिवपुर फाटक का सहारा लेना पड़ रहा है। फाटक बंद होने से जाम की स्थिति बनी रही। उधर, नालियों की साफ-सफाई का काम नहीं होने के कारण विंध्याचल क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन की पोल खुल गई। जगह-जगह नाली और नालों में पानी भर जाने से गंदा पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है। विंध्य क्षेत्र के अधिकांश नालियों में सिल्ट जमा है। गंदे जल की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि विंध्याचल धाम में अधिकारियों का काफिला रोज गुजर रहा था, लेकिन किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं गया। माता के दरबार में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है।