जमालपुर क्षेत्र में अमृत सरोवर के निर्माण पर सरकार की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस बीच आधे अधूरे तालाब का मत्स्य विभाग ने मछली पालन करने के बाबत नीलामी के लिए पेपर गजट कर दिया है। इससे अमृत सरोवर के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
जल संचय के उद्देश्य से सरकार द्वारा अमृत सरोवर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत चिह्नित ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर के लिए काम भी शुरू हो गया है। अभी बीस प्रतिशत भी काम पूरा नहीं हुआ है कि तालाब को नीलाम करने के लिए मत्स्य विभाग की ओर से तालाब आवंटन की तिथि गजट कर दी गई है। क्षेत्र के केशवपुर माफी, डोमरी, जयपट्टी कला, पसही, हरदी सहजनी सहित करीब नौ ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का चयन किया गया है और लगभग सभी पर कार्य भी शुरू हो चुका है। उधर, मत्स्य विभाग के इस कदम को लेकर अब यह कहा जाने लगा है कि लाखों रुपये खर्च कर तैयार अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन होगा। इसकी शिकायत जमालपुर ब्लाक के प्रधान संघ के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने उपजिलाधिकारी चुनार नीरज पटेल व खंड विकास अधिकारी को पत्रक सौंपकर की है। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। कहा है कि जब तालाब में मछली पालन ही करना है तो नाम अमृत सरोवर क्यों रखा जा रहा है।