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गंगा नदी में तीन किशोर डूबे, एक की मौत

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विंध्याचल क्षेत्र में गंगा नदी में डूबने से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने से पहले शुक्रवार की सुबह अखाड़ा घाट पर गंगा नदी में स्नान करते समय सुबह दो किशोर डूबने लगे। स्थानीय गोताखोरों ने एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरा युवक गंगा नदी में समा गया। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद स्थानीय गोताखोरों ने डूबे युवक को बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक हादसे के कुछ घंटे बाद शाम को दीवान घाट पर स्नान करते समय एक और किशोर डूब गया। जिसकी तलाश जारी है।
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बिहार के बक्सर के थाना धनसोई गांके पुल्का गांव निवासी दिव्यांशु कुमार सिंह पुत्र दयानंद सिंह मामा के पुत्र के मुंडन संस्कार के लिए शुक्रवार की सुबह परिवार के 15 सदस्यों के साथ विंध्याचल पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्य गंगा किनारे मुंडन संस्कार करा रहे थे। मुंडन संस्कार के दौरान दिव्यांशु (15) और आदित्य (14) अखाड़ा घाट पर गंगा किनारे स्नान कर रहे थे। स्नान करते समय दोनों युवक गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। दो के डूबने की सूचना पर घाट पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों ने आदित्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, परंतु दिव्यांशु गंगा नदी में समा गया। गंगा घाट पर डूबने की सूचना स्थानीय लोगों ने स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब डेढ़ घंटे बाद दिव्यांशु को गंगा नदी से बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉ. संतोष कुमार सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विंध्याचल के घाट पर वैसे तो लगातार हादसे हो रहे हैं, परंतु सुबह के हादसे का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि शाम को एक और किशोर डूब गया। अंबेडकरनगर जिले के थाना बेवाना गांव के गोपालपुर गांव से छह लोग मुंडन संस्कार के लिए विंध्याचल पहुंचे। दोपहर बाद तीन बजे बरतर तिराहा पर वाहन स्टैंड में गाड़ी खड़ी कर दीवान घाट किनारे मुंडन संस्कार कराया। इसके बाद परिवार के सदस्य एक-एक कर गंगा स्नान करने लगे। गंगा स्नान करते समय चंद्रभान पाल (17) पुत्र रामलाल पाल गहरे पानी में जाने से डूब गया। शोर मचाने पर स्थानीय गोताखोरों ने खोजबीन शुरू की। देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका था। हादसे के बाद मां अजोरा देवी का रो-रो कर बुरा हाल था।
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