चुनार के भुआल घाट तथा जिगना में गंगा में डूबने से तीन बालकों की मौत हो गई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले गए। मंगरहा गांव निवासी परमहंस (16) पुत्र राजेश कुमार अपने चचेरे भाई अर्जुन (13) पुत्र सुरेंद्र के साथ चुनार कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया गांव स्थित स्कूल में कक्षा आठ पास होने पर टीसी लेने गया था।
टीसी लेने के बाद परमहंस, अर्जुन के साथ अपने ननिहाल शिल्पी पहुंचा। वहां दोनों ने गंगा में नहाने की इच्छा जताई, पर ननिहाल वालों ने मना कर घर भेज दिया। लेकिन दोनों घर जाने के बजाए चुनार कोतवाली क्षेत्र के भुआलपुर घाट पर नहाने चले गए।
अर्जुन बगैर कपड़ा उतारे ही गंगा में कूद कर नहाने लगा। कुछ देर बाद वह डूबने लगा तो परमहंस भी पानी में उतर कर उसे बचाने का प्रयास करने लगा। इस बीच दोनों डूब गए। गांव के लोगों ने लावारिस साइकिल तथा कपड़ा देखा। कपड़े की तलाशी में परमहंस का आई कार्ड मिला। तब ग्रामीणों ने मंगरहा पहुंच कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने गोताखोरों से शव बाहर निकलवाया।
जिगना प्रतिनिधि के अनुसार इलाहाबाद जनपद के हंडिया थानाक्षेत्र अंतर्गत आसेपुर सैदाबाद निवासी यज्ञानेंद्र (9) पुत्र रमेश मिश्र माता के साथ विंध्याचल के नीबी गहरवार निवासी राजेंद्र प्रसाद मिश्र के यहां शादी समारोह में आया था। राजेंद्र प्रसाद के लड़के की 26 अप्रैल को बारात जानी है।
सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे परिवार तथा गांव के लोग गंगा स्नान करने गए थे। उनके साथ यज्ञानेंद्र भी गया था। यज्ञानेंद्र गंगा में नहाते समय डूब गया। लोग उसे पानी से निकाल कर पीएचसी सरोई ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। यज्ञानेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। हादसे से शादी की खुशियां गम में बदल गईं।