मिर्जापुर। पत्नी के मोबाइल पर हर समय बात करने पर पति ने उसका मोबाइल तोड़ दिया। उसके बाद से ही वह पति से अलग रही थी। परिवार परामर्श केंद्र में चार बार काउसिंलिंग के बाद आठ महीने बाद दंपती साथ रहने को राजी हुए।
बातचीत में पति ने बताया कि शादी के बाद से पत्नी मां, मौसी और परिवार के लोगों से लगातार बात करती रहती थी। शक था कि कहीं और बात करती है। पूछने पर बताती थी कि मां से बात करती है। मना करने पर वह बात नहीं मानती थी। एक दिन गुस्से में मैंने फोन तोड़ दिया। उसके बाद ही वह अलग रह रही थी।
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दोनों का मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा जहां पर काउंसिलिंग के बाद रविवार को दोनों साथ रहने को राजी हुए। इसके अलावा परिवार परामर्श केंद्र में प्रोजेक्ट मिलन के तहत मतभेदों के कारण अलग रह रहे 16 दंपतियों को साथ रहने के लिए राजी किया।
अलग रह रहे दंपतियों में मोबाइल से किसी और से बात करने सहित अन्य मुद्दों पर विवाद था। काउंसिलिंग के बाद उनको साथ रहने के लिए राजी किया गया। परामर्श के दाैरान दंपतियों को सलाह दी गई कि वह एक दूसरे का सम्मान करें। घर गृहस्थी में समझदारी से काम लें।
इस दौरान प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र महिला उप निरीक्षक रीता यादव, महिला मुख्य आरक्षी सावित्री यादव व सदस्य सुरेश चंद्र जायसवाल व कृष्णा सिंह मौजूद रही।