हलिया विकास खंड के लहुरियादह गांव में टैंकर से होने वाली पेयजल की आपूर्ति ठप होने से उत्पन्न संकट का कोई समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है। धनाभाव के कारण टैंकर से आपूर्ति बंद होने के कारण पिछले ग्यारह दिनों से वहां के ग्रामीण झरने के पानी से ही अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इस संबंध में देवहट ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को हलिया ब्लाक मुख्यालय पर निरीक्षण के लिए पहुंची मुख्य विकास अधिकारी से लहुरियादह गांव की पेयजल समस्या का समाधान कराने के लिए उनका ध्यान आकृष्ट कराया था। तीन दिन बाद भी समस्या का कोई समाधान न निकला।
ग्राम प्रधान ने सीडीओ को बताया था कि पहले का लाखों रुपये टैंकर का बकाया होने के कारण टैंकर मालिकों ने लहुरियादह गांव में पेयजल की आपूर्ति करने से इंकार कर दिया है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सीडीओ ने फोन कर जलनिगम के एक्सिईएन को दो दिन के अंदर लहुरियादह गांव में पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति की संभावनाओं को तलाशने का निर्देश दिया था। टैंकर के भाड़े का बकाया लाखों रुपये का भुगतान कब और कैसे होगा, साथ ही वहां पेयजल की आपूर्ति कब और कैसे शुरू होगी यह कहा नहीं जा सकता। उधर पेयजल की आपूर्ति ठप होने से लहुरियादह गांव के लोग ऊंचे पहाड़ की गहरी घाटी में स्थित झरने का ही दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।