ड्रमंडगंज घाटी के बड़का मोड़ के पास बुधवार की रात चार वाहनों की टक्कर के बाद बोलेरो सवार माैके पर नौ लोग जिंदा जल गए थे। घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हुई। मामले में बृहस्पतिवार की रात एआरटीओ सत्येंद्र प्रताप सिंह ने अज्ञात ट्रेलर चालक और वाहन मालिक आशीष पांडेय निवासी शांतिपुर अमरा खैराचक, गोमती वाराणसी के खिलाफ मोटर अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई।
हादसे की जांच के लिए टेक्निकल टीम का गठन किया गया है। जो पूरे हादेस की जांच करेगी। एआरटीओ एसपी सिंह ने बताया कि जहां तीन या तीन से अधिक मौत होती है। उसकी जांच कर रिपोर्ट पोर्टल पर भेजना होता है। जिसमें साइट पर जाकर हादसे के कारण की जांच की जाती है। टीम में परिवहन विभाग से आरआई, सीओ यातायात और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि इस मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सबसे आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर का ढाई माह से फिटनेस फेल था। जांच में यह भी सामने आया कि चालक ब्रेक लगा दिया था और दुर्घटना के बाद मदद करने के बजाय वह माैके से भाग गया। ट्रेलर के पीछे स्विफ्ट कार, फिर चना दाल लदा ट्रक और बोलेरो चल रही थी। चना दाल लदे ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था। घाटी में वाहनों की टक्कर के बाद बोलेरो में आग लग गई थी। नौ लोगों की जलकर मौत हो गई। ट्रक चालक, खलासी के साथ कार चालक की मौत पर ही माैत हो गई थी। मामले में परिवहन विभाग की टीम जांच करने पहुंची। सहायक संभागीय अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने तहरीर में बताया कि गिट्टी लदे ट्रेलर बीआर 24 जीसी 7990 के अज्ञात चालक की ओर से लापरवाही बरती गई। वाहन फिटनेस नौ फरवरी को फेल हो गया था। बताया कि जांच में आया कि ट्रेलर सबसे आगे चल रहा था। चालक ने ब्रेक लगाया था। हादसे के बाद चालक ने अपना फर्ज भी नहीं निभाया और भाग गया।
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जिस घाटी में आए दिन जा रही जान, एक किमी तक कोई लाइट नहीं, छाया रहता है गुप अंधेरा
मिर्जापुर। जिस ड्रमंडगज घाटी में आए दिन हादसे में जान जा रही है। हाल ही में हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। वहां पर एक किलोमीटर तक लाइट ही नहीं है। खड़ी चढ़ाई पर खतरनाक 90 डिग्री मोड़ से वाहन गुजरते हैं। ऐसे में रात के समय अंधेरे में हादसा होना तय है।
ड्रमंडगंज घाटी में मध्य प्रदेश रीवा की ओर मंदिर से लेकर ड्रमंडगंज में बड़का मोड़ तक एक किलोमीटर तक लाइट ही नहीं है। दो राज्यों को जोड़ने वाले हाईवे का यह हाल है। हादसे के बाद जांच करने गए परिवहन विभाग के एआरटीओ एसपी सिंह ने बताया कि जहां हादसा हुआ है। वहां लाइट कम है। 90 डिग्री का मोड़ है। एआरटीओ ने कहा कि बड़का मोड़ में लाइट जरूरी है। रात के समय अगर किसी चालक को झपकी आदि आने वाली हो तो रोशनी के कारण चालक सतर्क हो जाए। ब्रेकर के पेंट भी हाईलाइटेड नहीं है। मोड़ के बाद आगे लाइटे लगी हैं। जहां खतरा सबसे अधिक है। वहां लाइट नहीं लगा है। सीओ अमर बहादुर ने बताया कि लाइट की कमी है। इसके लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।
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ड्रमंडगंज घाटी का बड़ा मोड़ बना दुर्घटनाओं का केंद्र
ड्रमंडगंज। क्षेत्र के रीवा-मिर्ज़ापुर हाईवे पर ड्रमंडगंज घाटी का बड़का मोड़ आदुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। घाटी में बुधवार की रात हुए भीषण हादसे में हुई 12 लोगों की मौत ने फोर लेन सड़क निर्माण की तकनीकी खामियों पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में ड्रमंडगंज घाटी की फोर लेन सड़क की फिर से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराया जाना अब आवश्यक माना जा रहा है। ड्रमंडगंज घाटी में फोर लेन बनने के बाद होने वाली दुर्घटनाओं के चलते प्रति माह औसतन करीब 15 से 20 लोगों की जान चली जाती है। लेकिन बुधवार के हादसे में एक साथ हुई 12 लोगों की मौत घाटी में अबतक की सबसे बड़ी घटना बन गई।
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एक घंटे तक जलती रही बोलेरो, चिल्लाते रहे बच्चे
ड्रमंडगंज। घाटी में हुए भीषण हादसे के प्रत्यक्षदर्शी दिव्यांग लालबहादुर पाल ने बताया कि घटना के समय वे बाजार में दुकान पर बैठे थे। तेज आवाज सुनाई देने पर उन्होंने अपनी स्कूटी से दो अन्य साथियों के साथ तत्काल मौके पर जाकर देखा तो बोलेरो से आग की लपटें उठ रही थीं। बच्चों की चीख सुनाई दे रही थी। उन्होंने बताया कि करीब एक घंटे तक बोलरो जलती रही और उसमें बैठे लोग चीखते रहे। लालबहादुर पाल ने बताया कि उस दौरान किसी तरह बोलेरो से एक व्यक्ति को बाहर निकाला गया। जिसे पुलिस द्वारा तत्काल अस्पताल भेज दिया गया। एक घंटे बाद जब फायर ब्रिगेड ने पहुंच कर जलती हुई बोलेरो की आग बुझाई।
घाटी में दुर्घटनाओं पर रोक के लिए तकनीकी खामियों को दूर करने की हो रही मांग
ड्रमंडगंज। स्थानीय लोगों ने ड्रमंडगंज घाटी में आए दिन हो रही घटनाओं को देखते हुए फोर लेन सड़क निर्माण की खामियों का स्थायी समाधान करने की मांग की है। देवहट के प्रधान कौशलेन्द्र गुप्ता का कहना है कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो घाटी में इस तरह के हादसे आगे भी होते ही रहेंगे। ग्राम प्रधान कौशलेन्द्र गुप्ता, आरएसएस के तारकेश्वर केशरी, पूर्व प्रधान ललकुश केशरी, भाजपा नेता पिंटू केशरी आदि ने ड्रमंडगंज घाटी के बड़े मोड़ के पास फोर लेन की तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करने की मांग राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण से की है।
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केंद्रीय मंत्री पीड़ित परिवार से की मुलाकात
जिगना। केंद्रीय राज्यमंत्री व अपना दल एस की सांसद अनुप्रिया पटेल शुक्रवार को पांच शाम दिल्ली से सीधे नरैना हरगढ़ पहुंंची। शोकाकुल परिवार के परिजनों से मुलाकात की। कहा कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने उपजिलाधिकारी सदर को बच्चों को बालिग होने तक शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके पीड़ितों को जल्द उपलब्ध कराया जाए। कहा कि इतने बड़े वाहन का फिटनेस फेल था। वह सड़क पर कैसे चल रहा था। इसका ज़िम्मेदार कौन है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि फिटनेस आदि की गंभीरता से जांच कर ट्रक मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। चालक की भी जांच कराई जाए। कहा कि जो भी जिम्मेदार हो उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाए। प्रदीप सिंह ने बुलंदशहर से आस-पास जिले में स्थानांतरण की मांग की तो कहा प्रयास करूंगी। घर में महिलाओं से मुलाक़ात कर ढांढस बंधाया। इसके बाद बहुतीमय चौरा जाकर मृत विष्णु सिंह के परिजनों को सांत्वना दी। साथ में उप ज़िलाधिकारी गुलाब चंद, रामलोचन बिंद, राजेंद्र पाठक, राज कुमार दुबे, जय सिंह रहे ।
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शोक जताने पहुंचे लोग
जिगना। बहुतीमय चक चौरा गांव में मृत चालक विष्णु सिंह के घर पर भी मातम पसरा है। परिजनों को पश्चाताप हो रहा है। उनका मदद करने वाला इस दुनिया से चला गया। लोग कह रहे थे कि मुंबई से घर आने का कोई विचार नहीं था लेकिन मौत उन्हें यहां खींच लाई। सांत्वना देने के लिए गांव क्षेत्र व राजनीतिक दलों के लोग व रिश्तेदार पहुंच रहे हैं । नरैना हरगढ में शोक संवेदना व्यक्त करने व ढांढस बंधाने के लिए रात में भाजपा ज़िलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित कई लोग पहुंचे थे। इसी क्रम घटना के दूसरे दिन सपा नेता कीर्ति कोल ,सपा के आदर्श यादव सहित दर्जनों लोग पहुंचे थे। बसपा व जन सत्ता दल के पदाधिकारियों ने पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
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नहीं जले चूल्हे, गांव में मातम
जिगना। क्षेत्र के नरैना हरगढ़ में शुक्रवार को दूसरे दिन भी पास पड़ोस के घरों में चूल्हे नहीं जले। कुछ दुकानें भी बंद रहीं। जगह-जगह लोग फिर्फ एक ही चर्चा करते रहे कि हंसते -खेलते परिवार में अनुष्ठान कार्य में ही एक ही परिवार के आठ लोगों को काल ने खींच लिया। प्रदीप सिंह, अरुण सिंह के घर बूढ़ी मां मगधशिला व बेटी कशिश बेहाल है। जब लोग ढांढस बंधाने जा रहे तो बूढ़ी आंखें लोगों से सवाल कर रही हैं कि कहां है हमारे नाती, पोते, बहू व बेटी, पोती तो लोगों का गला रुंध जा रहा है। शुक्रवार को गांव, पड़ोसी गांव के अलावा रिश्तेदार व बाहरी लोग शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं, लेकिन दृश्य देख सहम जा रहे है। पंकज सिंह के परिवार पर भी रोने चिल्लाने से परिजनों का बुरा हाल है ।
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चालक के खाली न होने पर गाड़ी लेकर गए थे विष्णु
मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के बहुतीमय चकचौरा गांव निवासी विष्णु शंकर सिंह चालक के न होने पर गाड़ी लेकर गए थे और हादसे के शिकार हो गए। विष्णु चार भाई में सबसे छोटे थे। उनके भाई रमाशंकर ने बताया कि विष्णु की शादी 2010 में हुई थी। शादी के पांच वर्ष बाद पत्नी से तलाक हो गया था। उनको कोई संतान नहीं था। वह सूरत में अदाणी पोर्ट पर टैंकर वाहन चलाते थे। इस समय पोर्ट बंद होने पर वह एक सप्ताह पहले घर आ गए थे। मुंडन में जाने के लिए अरुण के परिवार ने सगुन सिंह से संपर्क किया। सगुन सिंह खाली नहीं थे तो विष्णु से गाड़ी चलाने की बात की। जिसके बाद विष्णु गाड़ी लेकर गए थे।
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घाटी में हादसे के तीसरे दिन बाद भी नहीं हटवाया जा सका दुर्घटनाग्रस्त ट्रक, कार और ट्रेलर
ड्रमंडगंज। ड्रमंडगंज घाटी में बीते 22 अप्रैल बुधवार की रात हुए भीषण सड़क हादसे के तीसरे दिन शुक्रवार को देर शाम तक क्षतिग्रस्त ट्रक, कार और गिट्टी लदे ट्रेलर को नहीं हटवाया जा सका। देर शाम एआरटीओ सत्येंद्र प्रताप सिंह ने उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। वहीं चना लदे ट्रक पर लदी चने की बोरियों को दूसरे ट्रक पर लदवाकर भेजा गया। हादसे में जलकर राख हुई बोलेरो के अवशेष को बृहस्पतिवार को सुबह पुलिस ने हाईवे से हटाकर थाना परिसर में रखवा दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त होकर खड़े ट्रक, कार और ट्रेलर के नहीं हटवाए जाने से वहां वाहनों के दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। एनएचएआई भी क्षतिग्रस्त ट्रक, कार और खड़े ट्रेलर को हटवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। एआरटीओ सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि घाटी में क्षतिग्रस्त पड़े वाहनों को हटाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जताया शोक
मिर्जापुर । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधी मंडल विधानसभा छानबे के जिगना थाना क्षेत्र के नरैना हरगढ़ गंव पहुंचा। जहां एक ही परिवार के नौ लोगों की बोलेरो में आग लगने से जलकर मौत हो गई थी। प्रतिनिधी मंडल इस दुखद घटना पर परिजनो से मिलकर संवेदना प्रकट की। हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन से मांग की प्रत्येक मृतक के परिजनो को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिया जाए। प्रतिनिधी मंडल ने सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी, सुशील सिंह, आदर्श यादव, अनिल यादव, शहनवाज खान, संग्राम बिन्द, कीर्ति कोल, सुशील यादव, रामजी यादव, अशोक सिंह आदि शामिल थे।