लोवर खजुरी वीयर में सीपेज से बह रहा पानी।- सोशल मीडिया।
- फोटो : 1
मिर्जापुर। रबी सीजन में लोवर खजुरी वीयर में सीपेज समस्या का समाधान कराया जाएगा। इससे जुड़ी नहरों में रबी सीजन में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इससे 4342 हेक्टेयर किसानों की भूमि सिंचाई के अभाव में प्रभावित हो सकती है। वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे किसानों को गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई करनी पड़ेगी।
सदर तहसील के सीटी ब्लॉक में स्थित लोवर खजुरी वीयर का निर्माण 75 साल पहले 1950 में कराया गया था। 142.00 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले वीयर से 4342 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। इस वीयर से बायी लोवर खजुरी नहर एवं दायी लोवर खजुरी नहर निकली है। बायी लोवर खजुरी नहर की कुल लंबाई 10.300 किलोमीटर है। इसी तरह 13.500 किलोमीटर दायी लोवर खजुरी को मिलाकर दोनों नहरों से कुल आठ माइनरें निकलती हैं।
काफी पुराने क्षतिग्रस्त वीयर से सीपेज के चलते मार्च तक आधे से ज्यादा पानी नदी में बहकर बर्बाद हो जाता है। मरम्मत अवधि में मोहनपुर नहर के अलावा मिर्जापुर नहर से जुड़े बकरछा कला, शाहपुर चौसा, इंदरपुर, कतरन, राजपुर, मिश्रलहौली, चेरुईराम, अघौली, अर्जुनपुर व इंदी पर्वतपुर इसी तरह बरर्जी मुकुंदपुर, रायपुर पोख्ता, भेंवरकरमनपुर, टेंगराही, हुरुआ, देवरी के अलावा मोहनपुर नहर से जुड़े झिंगुरा, अघवार सहित 50 से अधिक गांवों में खेतों की सिंचाई प्रभावित होगी।