मिर्जापुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कितनी खतरनाक थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंडलीय अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरने वालों की संख्या में अप्रैल में बेतहाशा वृद्धि हुई, जो मई में भी जारी है। मार्च माह से तुलना करें तो मंडलीय अस्पताल में अप्रैल में छह गुना अधिक मौत हुई है। इसमें अधिकांश मौत उनकी हुई है, जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण थे पर जिला प्रशासन सिर्फ उन्हीं की मौत को कोरोना संक्रमण से मान रहा है, जिनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई थी।
इस बार अप्रैल से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर फैलनी शुरू हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कोरोना से 92 की मौत हुई है। इसमें 47 मौत पिछले बार के संक्रमण में हुआ था। इस बार अभी तक कोरोना से 45 लोगों की मौत हुई है। जो कोरोना के एल-वन, एल-टू में भर्ती थे। दूसरे संक्रमण के भयावहता के बाद भी जिले में मौत की संख्या कम है। दरअसल इससे अधिक मौत कोरोना के लक्षण वाले लोगों की मंडलीय में हुई है पर उनकी मौत को कोरोना संक्रमण में नहीं जोड़ा गया क्योंकि उनकी कोरोना जांच नहीं हुई थी। मंडलीय अस्पताल के सभी वार्डों को मिलाकर मार्च में 32 लोगों की विभिन्न कारणों से मौत हुई थी। इसमें हादसे में घायल और अन्य बीमारियों से मौत हुई थी। अप्रैल में मंडलीय अस्पताल में कोरोना लक्षण (सबसे अधिक सांस लेने, आक्सीजन की कमी) वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा था। मेडिकल वार्ड ही नहीं बल्कि सभी वार्डों में आक्सीजन की समस्या वाले मरीज थे। यहां तक की बच्चा वार्ड को कुपोषण वार्ड में शिफ्ट कर वहां भी ऐसे मरीजों को भर्ती किया जा रहा था। अप्रैल में इमरजेंसी, मेडिकल, सर्जिकल, महिला वार्डों को मिलाकर 156 मौत हुई। मई के अंत में स्थिति बेहतर हुई है पर मौत का यह सिलसिला 15 मई तक जारी रहा। 21 मई तक सभी वार्डों में 86 मौत हो चुकी थी। अप्रैल से अब तक 32 मौत सीसीयू में हुई है। इस दौरान सीसीयू में 106 मरीज भर्ती हुए। इसमें अन्य बीमारियों से भी मौत हुई है पर अधिकांश कोरोना लक्षण वाले हैं। इस बीच कई गंभीर मरीज रेफर भी हुए, जिनकी रास्ते में या फिर दूसरे अस्पताल में मौत हुई। कई की तो इमरजेंसी कक्ष में पहुंचते ही मौत हो गई।
मंडलीय अस्पताल में अप्रैल में सांस लेने में परेशानी और आक्सीजन की कमी वाले मरीज अधिक आ रहे थे। इसमें मौत भी हुई है। जिन लोगों की मौत हुई, उनको कई अन्य समस्याएं भी थीं। - डा. कमल कुमार, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल