पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब पर कमलेश तिवारी के बयान को लेकर सोमवार को मुस्लिम बंधुओं ने बांह में काली पट्टी बांध जुलूस निकाला।
जुलूस नगर के इमामबाड़ा से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। कहा गया कि इस बयान से देश के मुसलमानों को जबरदस्त ठेस पहुंचा है।
अंजुमन गुलामाने मुस्तफा के तत्वावधान में नगर के इमामबाड़ा, ईदगाह से निकले विशाल जुलूस का नेतृत्व मौलाना नजम अली खां एवं मौलाना नौशाद आलम ने किया।
जुलूस के दौरान मुस्लिम बंधु बांह पर काली पट्टी बांध, अपने हाथ में काला झंडा लेकर चल रहे थे।
जिला मुख्यालय पर किए गए जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने पूरे देश की एकता-अखंडता एवं संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने एवं सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के साथ कानून व्यवस्था को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया है।
उनके आपत्तिजनक बयान से मुसलमानों को जबरदस्त ठेस पहुंची है, जिसको लेकर देश के कोने-कोने में विरोध प्रदर्शन जारी है।
कहा गया कि पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब मुसलमानों के ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया के लिए शांति के पैगंबर थे।
जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किए गए ज्ञापन में कहा गया कि भारत के किसी भी नागरिक को यह हक नहीं हासिल है कि किसी भी धर्म के महापुरुषों, देवी-देवताओं, सूफी-संतों एवं पैगम्बरों के विरुद्ध कोई भी आपत्तिजनक बात नहीं कर सकता, जिसके कारण किसी भी समुदाय अथवा वर्ग को ठेस पहुंचे।
विशाल जुलूस में प्रमुख रूप से नजम अली खां, नौशाद आलम, हाफिज निसार अहमद, मो. परवेज खां, सरताज इमाम, सोनावर खां, अशफाक, शमीम अहमद, वसीम अहमद, कासिम अली, हाफिज, मुहम्मद सलीम, फरीद तारिक खां, अफसर खां, उस्मान खां, हमीद सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम बंधु शामिल रहे।