मदरसा अरबिया की बैठक में उपस्थित मौलाना व अन्य, सोशल मीडिया
मिर्जापुर। ओलियर घाट स्थित मदरसा अरबिया में रविवार को नगर की तमाम अंजुमनों (कमेटियों), मस्जिदों के इमामों, धर्मगुरुओं और जिम्मेदार लोगों की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि हजरत मुहम्मद साहब की यौमे पैदाइश पर शांतिपूर्वक जुलूस निकाला जाए। डीजे व शोर-शराबे से बचा जाए।
प्रबंधक मोहम्मद परवेज खान ने कहा कि जुलूस शांति, अनुशासन और सम्मान के साथ निकाला जाए। डीजे और तेज शोर-शराबे से बचना चाहिए, क्योंकि पहचान अच्छे अखलाक, सादगी और अमन से होती है। काजी-ए-शहर मौलाना नजम अली खान ने कहा कि बारह रबी उल अव्वल नबी की पैदाइश की मुबारक तारीख है। शरीयत के दायरे में रहकर जितनी भी खुशियां मनाई जाएं, वह कम हैं। जुलूसे मुहम्मदी में शामिल होने वाली सभी कमेटियों से डीजे का इस्तेमाल न करने और इसकी जगह छोटे साउंड बॉक्स का इस्तेमाल करने की गुजारिश की।
मौलाना नौशाद आलम ने कहा कि जुलूस में अदब और एहतराम के साथ चलें तथा दुरूद पाक और नात शरीफ पढ़ते रहें। जुलूस में किसी भी तरह का असलहा जैसे लाठी, डंडा, भाला या तलवार लेकर न चलें। इन चीजों की इस्लाम में कोई जगह नहीं है। मोहम्मद अशफाक खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता मरकजी जश्न व जुलूस कमेटी के सचिव सोनावर खां ने की, जबकि संचालन मौलाना नजम अली खान ने किया। इस अवसर पर मौलाना नुरुल इस्लाम, मौलाना शम्सुद्दीन, मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सचिव फिरोज खान, मौलाना शहादत हुसैन आदि मौजूद रहे।