मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद सुविधाएं बढ़ने के बावजूद मरीजों के उपचार की संख्या बढ़ने के बजाय घटने लगी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी और ओपीडी के आंकड़ों के हिसाब से पिछले वर्ष की तुलना में ओपीडी में दो लाख 34 हजार 429 और आईपीडी में 22 हजार 707 मरीज कम हुए हैं।
सीएचसी और पीएचसी का रिकॉर्ड मेडिकल कॉलेज से बेहतर बताया जा रहा है। किसी भी ब्लॉक के सीएचसी-पीएचसी में पिछले वर्ष की तुलना में मरीजों की संख्या कम नहीं हुई है।
मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) बने पांच वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है। मंडलीय अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अस्पताल में केंद्रीय पैथोलॉजी, डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैन और रात में इमरजेंसी पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। इसके बावजूद मरीजों नहीं आ रहे हैं।
पिछले एक वर्ष में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की ओर से मरीजों से दुर्व्यवहार के कई मामले भी सामने आए। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद मंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जारी आंकड़ों में ओपीडी और आईपीडी दोनों में कमी दर्ज की गई है।
वर्ष 2024-25 में मेडिकल कॉलेज में सात लाख 52 हजार 360 मरीजों का ओपीडी में उपचार हुआ था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर पांच लाख 17 हजार 931 रह गई। इस तरह ओपीडी में दो लाख 34 हजार 429 मरीज कम हुए।