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Mirzapur News: विंध्याचल धाम की झलक मिलेगी नए बने रेलवे स्टेशन में

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विंध्याचल रेलवे स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार की फोटो, संवाद - फोटो : फाइल फोटो
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विंध्याचल स्टेशन का सुंदरीकरण पूरा, रेल मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा कीं तस्वीरें
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विंध्याचल। विंध्याचल रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण पूरा हो चुका है। स्टेशन बनाने में श्रद्धालुओं की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। नए बने स्टेशन को देखकर भक्तों को मां विंध्यवासिनी के धाम की झलक मिलेगी। देश-विदेश से विंध्याचल आने वाले हर लाखों श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन अब भव्यता और आधुनिकता का अनुभव कराएगा।
स्टेशन का भवन मां विंध्यवासिनी मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित है, यहां उतरने या ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को धार्मिक अनुभूति होगी। स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्रा ने 6 अगस्त 2023 को इसके पुनर्निर्माण का शुभारंभ किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उद्घाटन किया था। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इसका पुनर्विकास हुआ।
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दो दशक पहले बने विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। पहले यहां डिस्प्ले भी नहीं था। अब स्टेशन पर तीन जनरल टिकट काउंटर, आरक्षण काउंटर और एक पूछताछ केंद्र बना है। सुगम आवागमन के लिए दो पैदल ऊपरी पुल तैयार किए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप और आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई हैं।
प्लेटफॉर्म-1 को चौड़ा और लंबा किया गया है, प्लेटफॉर्म-2 और तीन पर कार्य प्रगति पर है। स्टेशन के सामने एक विशाल पोर्च है। यात्रियों के लिए दो आधुनिक प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। बैठने की बेहतर व्यवस्था के लिए 30 स्टील की कुर्सियां लगाई गई हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ की व्यवस्था है। दृष्टिबाधित यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे प्लेटफॉर्म पर टैक्टाइल टाइल्स लगाई गई हैं।
वर्तमान में विंध्याचल रेलवे स्टेशन से 25 जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें वंदे भारत भी शामिल है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारतीय रेल ने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर स्टेशन भवन, स्वचालित सीढ़ियों, चौड़े प्लेटफॉर्म और फुट ओवर ब्रिज सहित विभिन्न सुविधाओं की तस्वीरें साझा की हैं।
आधुनिक सुविधाएं और विस्तार
नई बिल्डिंग में विभिन्न विभागों को स्थानांतरित किया गया है। इनमें स्टेशन मास्टर कक्ष, सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष और टिकट घर है। परिसर में विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की गई है। परिसंचरण क्षेत्र में पार्क, रंगीन प्रकाश व्यवस्था और ऊंचे खंभों पर लाइटें लगाई गई हैं, इससे रात में परिसर आकर्षक दिखाई देता है।
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अधूरे निर्माण से असुविधा
स्टेशन अधीक्षक इरफान सिद्दीकी ने बताया कि नई बिल्डिंग तैयार है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। हालांकि, उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे सुलभ परिसर के अधूरे निर्माण पर चिंता जताई। बताया कि यह सुलभ परिसर पिछले तीन वर्षों से निर्माणाधीन है और अभी भी अधूरा है। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि रेल प्रशासन द्वारा बनाए गए शौचालय पर्याप्त नहीं हैं।

एक नजर
टिकट काउंटर और सहायता-पूछताछ केंद्र की संख्या दो से बढ़कर पांच हुई।
फुट ओवर ब्रिज और दिव्यांगजन-अनुकूल रैंप।
स्वचालित सीढ़ियां और डिस्प्ले बोर्ड।
यात्रियों के लिए रैन बसेरा।
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