मिर्जापुर। पिछले एक हफ्ते से सूर्य की किरणें कहर बरपा रही हैं। बुधवार को भी भीषण गर्मी और लू की वजह से लोग बेहाल रहे। पांचवें दिन एक डिग्री तापमान लुढ़ककर 42 पर पहुंचा लेकिन कोई राहत नहीं मिली। बावजूद इसके उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली। दिनभर लोग घरों में दुबके रहे। वहीं, बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
भीषण गर्मी के कारण जिले में लगातार पिछले चार दिन तक अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। एक डिग्री तापमान कम होने के बावजूद तपिश से कोई राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 30 डिग्री पहुंचने के कारण रात में भी गर्म हवाएं चल रही हैं। सुबह से ही तेज धूप और लू चलने के कारण लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। दोपहर से शाम तक बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू, वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह ने बताया कि अभी उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। कुछ दिनों तक तापमान ऐसा ही रहेगा।
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रोज भर्ती हो रहे डायरिया के 30 से 35 मरीज
भीषण गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल में लू और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डायरिया वार्ड में प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों की भर्ती हो रही है। यह अलग बात है कि उसी गति से मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैंं। डॉक्टरों ने बताया कि मई तक 10 से 15 मरीज आते थे लेकिन अब इनकी संख्या 30 से 35 प्रतिदिन हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में खाना और गर्म खाना खाएं। घर से निकलने से पहले भरपूर पानी का सेवन करें।