बुधवार को जिला अस्पताल के काउंटर पर पर्ची लेने के लिए लाइन में लगी महिलाएं।
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मंडलीय चिकित्सालय में मौसमी बामारियों से पीड़ित मरीजों की तादात बढ़ती ही जा रही है। बुखार, पीलिया और डायरिया के मरीजों से अस्पताल परिसर पटा पड़ा है। हांलाकि स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सालय प्रशासन ने कमर कस ली है। पर्याप्त मात्रा में दवा, ग्लूकोज की बोतलें व एंटीबायोटिक दवाएं रख ली हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके।
बरसात का मौसम शुरू होते ही विभिन्न बीमारियों की चपेट में आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। चिकित्सक के मुताबिक उमस भरे मौसम में लोग अधिक बीमार होते हैं। लोग मौसमी बीमारी उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी, जुखाम समेत अन्य बीमारी की जद में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
आलम यह है कि इस समय मंडलीय चिकित्सालय में करीब आठ सौ के करीब पुरुष और पांच सौ के लगभग महिलाएं इलाज कराने आ रही हैं। सभी लोग पेट दर्द, सिर दर्द व जकड़न बुखार से पीड़ित होना बताए जाते हैं। चिकित्सालय प्रशासन के सामने अब मरीजों को भर्ती करने की समस्या खड़ी हो गई है।
155 बेड वाले जिला चिकित्सालय में दो सौ के करीब मरीज भर्ती हैं। इन्हें भर्ती करने के लिए 50 बेड अतिरिक्त लगाए गए हैं या फिर अन्य वार्डों में भर्ती किया जा रहा है।