स्थानीय विकास खंड में गौरी गांव के पास तीन दिन पहले शेरवा माइनर का टूटा तटबंध बांधकर ग्रामीणों ने सिचाई विभाग को आईना दिखाने का काम किया है। तटबंध टूट जाने के तीन दिन बाद भी उसे बांधना तो दूर की बात बुधवार तक मौके पर कोई अधिकारी झांकने तक नहीं पहुंचा। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद तटबंध को बांधने में जुट गए।
तटबंध टूटने से क्षेत्र में धान की नर्सरी पानी में डूबकर ़खराब हो रही है। पानी में सड़ती नर्सरी देख किसान खुद तटबंध को बांधने में जुटे रहे। किसान माइनर के टूटे तटबंध को पुआल व मिट्टी से बांधने का प्रयास किया लेकिन वह बार-बार बह जा रहा था। गौरतलब है कि रविवार की रात भीषण पानी बरसने से बरसाती पानी नहर में आने से माइनर का तटबंध तीन स्थानों पर टूट गया था। जिससे किसानों की धान की नर्सरी पानी में डूब गयी थी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच की मांग की है। रोष व्यक्त करने वालों में गुड्डू सिंह, बबलू चौबे, अरुण चौबे, केशरी नंदन चौबे, रामजी, कमल, चंद्रशेखर, शिवाजी सिंह मौजूद रहे।