साझे की फसल को नुकसान हुआ देख क्षेत्र के थानापुर गांव निवासी एक किसान की शुक्रवार को दोपहर में सदमे से मौत हो गई। किसान की मौत की खबर लगने पर गांव के प्रधान ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की।
वहीं, विकास खंड जमालपुर के शेरवां, नौडिहा एवं नंदपुर गांव में तीन दिन बाद भी खेत में पानी लगने और गेहूं के बोझ से अंकुर निकलता देख्ा एक किसान गश्त खाकर जमीन पर गिर पड़ा।
आनन-फानन में उसे सीएचसी ले गए जहां चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया।
थानापुर गांव निवासी लल्लू बिंद ने गांव के कुछ लोगाें की साझे पर जमीन लेकर खेती की थी, लेकिन मंगलवार एवं बुधवार को हुई बारिश तथा ओलावृष्टि के चलते उसकी सारी फसल भींग कर नष्ट हो गई।
शुक्रवार को वह बोझ पलटने गया तो फसलाें की हालत देख उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर खेत में गिर पड़ा।
किसान के बेहोश होने की जानकारी होते ही पहुंचे गांव के लोग उसे आनन फानन में चिकित्सालय ले जा रहे थे तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
किसान की मौत से पूरे गांव के किसान सदमे में पहुंच गए हैं। शेरवां संवाददाता के अनुसार विकास खंड जमालपुर के शेरवां, नौडिहा एवं नंदपुर गांव में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते तीन दिन बाद भी खेतों में मेड़ के बराबर पानी लगा हुआ है, जिससे खेताें में खड़ी गेहूं की फसल चौपट हो रही है।
खेतों से काट कर रखे गए गेहूं के बोझ से नया अंकुर निकलता देख एक किसान खेत में ही गश खा कर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे सीएचसी ले जाया गया जहां से उसे इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया।
क्षेत्र के हसौली गांव में शुक्रवार की सुबह किसान उमाशंकर दूबे जब अपने खेत पर पहुंचे तो खेताें में काट कर गेहूं का बोझ रखा गया था, जब उन्होंने बोझ को पलटना शुरू किया तो देखा तो गेहूं की बालियाें से अंकुर निकल रहा है।
यह देख देखकर किसान गश खाकर खेत में गिर पड़ा। आनन फानन में किसान को सीएचसी ले जाया गया। जहां से बाद में इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया।
शेरवां पहाड़ के झरनों का पूरा पानी एवं बारिश का पानी खेताें में एकत्रित होने से गेहूं की खड़ी फसल नष्ट हो रही है।
किसानों का लाखाें रुपया एवं खून पसीने की कमाई खेती-किसानी में लग चुका है, जो बर्बाद होता नजर आ रहा है। किसान चाह कर भी असहाय बना हुआ है।
गुरुवार व शुक्रवार को दिन भर मौसम तो साफ रहा, लेकिन सांयकाल को आसमान में छाए बादल के चलते किसानाें की चिंता बढ़ गई है। मौसम की मार से झेल रहे किसानों का हाल बेहाल है।
बारिश, ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से खेतों में तैयार गेहूं सहित कई अन्य फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई हैं।
क्षेत्र के अमरेश चंद्र दूबे, बंशीधर चौबे, क्षमाशंकर दूबे, दुर्गेश द्विवेदी, विक्रमा यादव, राजेश द्विवेदी, चंद्रभूषण दूबे, उमेश द्विवेदी, अखिलेश मिश्र, अश्वनी दूबे, ने बताया कि भारी बारिश व पहाड़ी से निकलने वाला पानी अब भी खेताें में जमा हुआ है। मौसम का मिजाज यही रहा तो गेहूं के पौधे खेत में ही नष्ट हो जाएंगे।
किसानाें ने अविलंब सामूहिक सर्वे कराकर फसलों की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग किया है।
उधर, ग्राम प्रधान रामसागर भारती ने जिला प्रशासन से किसान लल्लू को मुआवजा देने की मांग की। ग्राम प्रधान ने कहा कि क्षेत्र का हर किसान नुकसान हुए फसलाें से परेशान चल रहा है।