लूसा स्थित टूटा मुख्य घाघर नहर का तटबंध।- संवाद।
भावां। मड़िहान तहसील क्षेत्र के लूसा स्थित मुख्य घाघर नहर का तटबंध बुधवार की रात टूटने से नहर का पानी बस्ती में पहुंच गया। कई घरों में पानी घुसने से गांव में अंधेरी रात में अफरा-तफरी मच गई। रात में ग्रामीणों ने पानी रोकने के लिए बोल्डर, मिट्टी लगाकर बांधने का प्रयास किया लेकिन बहाव होने से पानी रुकने के बजाय बस्ती की तरफ अनवरत बह रहा था। सुबह दूसरे दिन ग्रामीणों ने किसी तरह से पाया काबू।
प्रति वर्ष लाखों रुपये खर्च कर नहर की साफ-सफाई कराई जाती है। मरम्मत के नाम पर अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से केवल खानापूर्ति कर दी जाती है। नहर में पानी छोड़े जाने पर कहीं न कहीं तटबंध टूटने से खेतों और बस्ती में पानी भरने से किसान परेशान हो जाते हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। बुधवार की देर रात लूसा के पहड़ी मौजा के सामने से गुजरी धनरौल बांध से निकली मड़िहान ब्रांच मुख्य घाघर नहर गऊ घाट पर तटबंध टूट गया। इससे नहर का पानी गांव की बस्ती में लगभग दर्जन भर घरों के अंदर पहुंच गया। कड़ाके के ठंड के बीच रात में बिस्तर में सो रहे ग्रामीणों की नजर जैसे ही चारपाई के नीचे पानी पर पड़ी उनके होश उड़ गए।
अंधेरे में बाहर निकलकर देखा तो तेज गति से पानी नाले का रूप धारण कर बस्ती की ओर चला आ रहा है। यह देखकर बस्ती में अफरा- तफरी मच गई। ग्रामीण फावड़ा लेकर किसी तरह तटबंध पर मेड़ बांधकर रोका। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। गांव निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अभी विगत कुछ समय पहले पांच करोड़ से एक नामी गिरामी प्राइवेट कार्यदाई संस्था की तरफ से सोनभद्र के पड़रवा से लूसा गांव तक लगभग 15 किलोमीटर तक मरम्मत कार्य करवाया था। विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से मरम्मत का कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। राजेश, रामू, नरेश, विजेंद्र, खेलावन, नवल, रामचंद्र, राजनरायन, विनोद, कल्लू, बदन आदि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कराए गए कार्य की जांच कराकर संबंधित कार्यदाई संस्था और विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुछ लोग सेमरी बंधी तक पानी पहुंचाने के लिए नहर को क्षति पहुंचाते हैं। पहले भी ऐसे लोगों के खिलाफ राजगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गईं है।-दुर्गा, अवर अभियंता, नहर प्रखंड।