हलिया। स्थानीय विकास खंड में हलिया बाजार से लगभग 50 मीटर दूर पांच वर्ष पूर्व में 18 लाख रुपये की लागत से बना शवदाह गृह निष्क्रिय हो रहा है। बाजार के निकट व हनुमान मंदिर के पास होने के कारण लोग यहां पर शव का अंतिम संस्कार करने से परहेज कर रहे हैं। जब से शवदाह गृह का निर्माण हुआ आज तक एक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों में लवलेश धर दुबे, संजय गिरी, शिव बहादुर सिंह, रामेश्वर अग्रहरि, देवी प्रसाद विश्वकर्मा, छोटू व दिलीप दुबे ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से गलत स्थान पर शवदाह गृह का निर्माण कराया गया है। हलिया बाजार के निकट व हनुमान मंदिर से कुछ दूरी पर शवदाह गृह तो बना दिया गया लेकिन बाजार से निकट होने के कारण प्रदूषण व अनेक बीमारियां फैलने के डर से शव जलने से लोग ऐतराज कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अदवा नदी के तट पर शवदाह गृह का निर्माण हुआ होता तो इसका सदुपयोग होता। ग्राम प्रधान शिव बाबू सेठ ने कहा कि शवदाह गृह बाजार के नजदीक है। इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है। अनुमति प्राप्त होने पर इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराया जाएगा।