मिर्जापुर। अहरौरा थाना क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के साथ मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ किए जाने के मामले में बुधवार को जमानत की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव प्रथम की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
25 अगस्त की रात को अहरौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक झोलाछाप और उसके साथी ने स्टाफ नर्स से मारपीट की और अस्पताल में तोड़फोड़ की। स्टाफ नर्स ने आरोप लगाया कि झोलाछाप ने महिला का भ्रूण परीक्षण कराकर गर्भपात के उद्देश्य से दवा खिला दी। हालत बिगड़ने पर अस्पताल लेकर आया। अस्पताल में इलाज के दौरान गालीगलौज की। मना करने पर पिटाई कर तोड़फोड़ की। पुलिस ने आरोपी भोला और राजेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। जमानत का विरोध कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्टाफ नर्स के साथ मारपीट कर सरकारी अभिलेख को फाड़ा गया और मशीनों को तोड़कर सरकारी संपत्ति की क्षति की गई। नशे में महिला स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार किया गया।