मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार के अर्थ दंड से भी दंडित किया। जुर्माने की राशि दुष्कर्म पीड़िता को देने के निर्देश दिए। आर्थिक राशि जमा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना क्षेत्र के एक गांव में 26 मार्च 2017 को एक महिला ने थाने में पुत्री के साथ दुष्कर्म की तहरीर दी। बताया कि रात को उसकी पुत्री खाना खाकर छत पर सोई थी। पड़ोसी युवक रंजीत उसे बुलाने लगा। न आने पर सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ गया और मुंह बांध कर पुत्री को अपने घर लेजाकर दुष्कर्म किया। पुत्री के शोर मचाने पर उसका भाई पहुंचा तो आरोपी ने उसकी पिटाई की।
पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था और विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई।