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लंदन वाली प्रियंका के नाम पर नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त

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मिर्जापुर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में फर्जी अभिलेखों के आधार पर सहायक अध्यापक बनीं शिक्षिका की सेवाएं
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अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल ने समाप्त कर दीं। आरोपी शिक्षिका पहाड़ी विकास खंड के भरपुरा स्थित राजकीय बालिका कालेज में तैनात थी। कन्नौज निवासी शिक्षिका का भंडाफोड़ एक गुमनाम शिकायती पत्र से हुआ। आरोप है कि नौकरी पाने वाली प्रियंका ने लंदन वाली प्रियंका के अभिलेखों पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की थी। लगभग पांच वर्षों तक उसने सेवा की और 4000000 रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किया। पिछले वर्ष असली प्रियंका के पिता ने कन्नौज में पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस मामले में शिकायत की और कार्रवाई की मांग की थी। वहां जांच चल रही थी। उसी के बाद एक गुमनाम पत्र विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉक्टर कामता राम पाल के पास आया। इस पर जेडी व जांच टीम ने कार्रवाई शुरू की। इस संबंध में जांच रिपोर्ट व जेडी की आख्या पर कार्रवाई करते हुए अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल ने पहाड़ी विकासखंड के भरपुरा स्थित राजकीय विद्यालय में नौकरी कर रही प्रियंका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इस बाबत जेडी कामता रामपाल ने कहा कि बर्खास्तगी का पत्र जारी कर दिया गया है। मंडल स्तर से कार्रवाई की जा रही है।
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सत्यापन में हुआ खुलासा : मिर्जापुर। जेडी कामता राम पाल को जब पत्र मिला तो उनके कार्यालय से सहायक अध्यापिका की सेवा पुस्तिका में दर्ज पते पर सत्यापन पत्र डाक से भेजा गया। वह सत्यापन पत्र लंदन में रह रही प्रियंका के पिता डॉ. मनोज कुमार के घर पहुंचा। मनोज कुमार ने कन्नौज के एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि उनकी पुत्री काफी दिनों से लंदन में रह रही है। साथ ही पूरे दस्तावेजों की जांच की मांग की। इसके बाद जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर आरोपी शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया।
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