कलेक्ट्रेट मुख्यालय के पास स्थित टीबी अस्पताल तिराहा को चौड़ा कर उसके सुंदरीकरण की योजना पूरी नहीं हो सकी है। पार्क की दीवार तोड़कर रास्ता तो निकाल दिया गया है, लेकिन अन्य कार्य अब तक नहीं किए जा सके हैं।
कलेक्ट्रेट के पास कचहरी, पुलिस अधीक्षक सहित कई अन्य अधिकारियों के कार्यालय हैं। इससे जुड़े मार्गों पर रात के समय प्रकाश की भी कमी रहती है। मार्ग पर टीबी अस्पताल तिराहा के पास कूड़ा कलेक्शन सेंटर था। जिसे तत्कालीन डीएम अनुराग पटेल ने हटवा दिया था। वहां पर स्थित पार्क के तिकोने हिस्से को तोड़वाकर उन्होंने रास्ता निकलवाया था। ताकि तिराहे पर आवागमन की अच्छी व्यवस्था हो सके। तिराहे पर फौव्वारा और मूर्ति लगाने की योजना थी। तत्कालीन जिलाधिकारी अनुराग पटेल का स्थानांतरण हो जाने के बाद योजना पर ग्रहण लग गया। उसके बाद वहां कोई कार्य नहीं हुआ। कचहरी रोड से पटरी दुकानदारों को हटाया गया तो लोग खाली हुए स्थान पर उन लोगों ने दुकान लगा ली है। इससे तिराहा अतिक्रमण का शिकार हो गया है। अगर खाली स्थान पर सड़क बनाकर प्रकाश की व्यवस्था कर दी जाए और फौव्वारा आदि लगा दिया जाएं तो उसकी सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे। आवागमन भी बेहतर हो सकेगा।