चुनार। आजमगढ़ जिले की महिला सिपाही के साथ के साथ मिलकर उसके पति से पैसे की वसूली करने और पैसा न मिलने पर उसकी हत्या की साजिश रचने के मामले में चुनार कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक के ऊपर आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमा दर्ज होने पर मिर्जापुर एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।
बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के बर्रे बोझ गांव निवासी सन कुमार यूपी पुलिस का सिपाही है। उसकी पत्नी आजमगढ़ में सिपाही है। वह आजमगढ़ जिले में डायल 112 में आरक्षी के पद पर तैनात है। पीड़ित सिपाही का आरोप है कि उसकी पत्नी का मिर्जापुर जिले के चुनार थाना पर तैनात दारोगा राम मूरत यादव से संबंध है। सन कुमार ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ ही दिन बाद पत्नी ने अवैध वसूली के इरादे से उस पर दबाव बनाते हुए 25 लाख रुपये की मांग करने लगी। इतना ही नहीं उसके पिता के नाम की भूमि भी अपने नाम बैनामा कराने के लिए दबाव बनाने लगी थी। जब वह अपने मनसूबे में कामयाब नहीं हो पाई तो वह दारोगा के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना तक बना डाली थी। इस बात की जानकारी उसे तब हुई जब उसके हाथ पत्नी व दारोगा के बीच हुए बातचीत का आडियो लग गया। उसने आडियो सुबूत के तौर पर एसपी को देते हुए 23 जुलाई को न्याय की गुहार लगाई। मामले की जांच के बाद महिला सिपाही और दरोगा राममूरत यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। जांच के बाद आजमगढ़ एसपी ने महिला आरक्षी को निलंबित कर दिया गया था। दारोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए मिर्जापुर एसपी को भी पत्र लिया गया था। मामले में मुकदमा दर्ज होने पर मिर्जापुर एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने दरोगा राममूरत यादव को निलंबित कर दिया। दरोगा छह माह पूर्व चुनार कोतवाली में कार्यभर ग्रहण किया था।