मिर्जापुर। भरुहना से मेडिकल काॅलेज तक पांच किमी सड़क को चौड़ा करने के लिए दो साल में तीसरी बार सर्वे हो रहा है। इससे पहले भी दो बार सर्वे कर प्रस्ताव भेजा गया था, परंतु बजट के अभाव में प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर से इस सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे हो रहा है। सर्वे के बाद प्रस्ताव भेजा जाएगा। उसके बाद बजट मिलने पर सड़क चौड़ा करने का काम शुरू किया जाएगा।
उधर, सर्वे के कारण सड़क के दोनों तरफ से भवन स्वामियों की चिंता बढ़ गई है। उनको भवन तोड़े जाने तथा मुआवजा की चिंता सताने लगी है। भरुहना से मेडिकल कॉलेज तक फोरलेन सड़क बनाने के लिए दो साल पहले सर्वे हुआ था। सड़क को चौड़ा करने के लिए उस दौरान 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके तहत अंडरग्राउंड बिजली की लाइन बिछाने के साथ ही लंदन लाइट लगाने की योजना थी। एक साल बाद बजट घटकर 50 करोड़ हो गया। सिर्फ सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव किया गया। इसके लिए नगर के रमईपट्टी के पास कई मकान भी तोड़े गए थे। उसके बाद कुछ लोगों ने न्यायालय में वाद दाखिल किया था। उसके बाद अभियान रुक गया। इस बीच शासनस्तर से आए निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर फिर से लोक निर्माण विभाग की टीम ने राजस्व विभाग के साथ भरुहना से मेडिकल काॅलेज तक की सड़क को चौड़ा करने के लिए सर्वे का काम शुरू किया है। मंगलवार को भरुहना से रमईपट्टी और बुधवार को रमईपट्टी से आगे सिविल लाइन, कचहरी तिराहा, मोर्चाघर, फतहां तक सर्वे किया। बीच सड़क से 15 मीटर की नापी की जा रही है। सर्वे के दौरान 15 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों के तोड़े जाने तथा मुआवजा को लेकर भवन स्वामियों को चिंता सताने लगी है।