घर के सामने प्रियांशु को रोक कर गली में ले गए हमलावर
सपा कार्यकर्ता प्रियांशु ओझा (22) स्वामी दयानंद मार्ग स्थित एक आइसक्रीम फैक्टरी में काम करते थे। वे बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने घर हरना की गली जा रहे थे। गली में विरोधी निलेश कुमार कसेरा का मकान पहले पड़ता है। निलेश ने अपने घर के पास प्रियांशु को रोक लिया और शिव मंदिर से सटी गली में ले गया। वहां अपने साथियों के साथ हमला कर दिया। प्रियांशु के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार किए। साथियों ने पैरों पर लाठी-डंडे मारे। शोर होने पर परिजन पहुंच गए। तब तक आरोपी भाग चुके थे। खून से लथपथ प्रियांशु को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर मिर्जापुर ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, परिजनों ने जब सूचना दी, तब कटरा कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ केस
एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने जांच की। प्रियांशु के पिता सुरेश चंद्र ओझा की तहरीर पर पुलिस ने निलेश कुमार कसेरा निवासी हरना की गली, गुलशन कुमार निवासी पेहटा का चौराहा, सोनू उर्फ अनुराग सिंह निवासी तुलसी चौक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मगर शाम को परिजनों के विरोध पर पुलिस ने हत्या की धारा बढ़ाई।
परिजनों के विरोध पर बढ़ाई हत्या की धारा
प्रियांशु ओझा की हत्या के बाद पुलिस ने पिता की तहरीर लेकर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। नई धारा से अनभिज्ञ परिजन पोस्टमार्टम कराने में जुटे रहे। उनको बस मुकदमा दर्ज होने की ही जानकारी थी। शव जब पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो परिजनों को मुकदमे की कॉपी मिली। तब पता चला कि गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। उधर, युवक की नृशंस हत्या के बाद मुकदमा गैर इरादतन का दर्ज होने पर परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजन विरोध करने लगे। पोस्टमार्टम हाउस पर खुफिया तंत्र के लोग भी थे। जो परिजनों के विरोध की जानकारी उच्चाधिकारियों को देते रहे।
देर शाम घर पहुंचने पर परिजनों ने गली में भी प्रदर्शन किया। विरोध को देखते हुए बृहस्पतिवार को शाम हत्या की धारा बढ़ाई गई। एएसपी ऑपरेशन ने बताया कि पहले परिजनों ने जो तहरीर दी थी, उस आधार पर गैर इरादतन का मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के बाद हत्या की धारा बढ़ाई गई।