यूक्रेन के सुमी स्टेट मेडिकल युनिवर्सिटी की हास्टल में फंसी अहरौरा निवासी छात्रा सोनम सिंह की परिवारीजन से सोमवार को नायब तहसीलदार अरुण कुमार ने मुलाकात की।
उनके घर पर पहुंच नायब तहसीलदार ने भरोसा दिलासा दिलाते हुए सोनम सिंह से वीडियो कॉलिंग से भी वार्ता की। जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने वीडियो कॉलिंग को रिकॉर्ड भी किया। वार्ता के दौरान सोनम सिंह ने कहा कि यहां के हालात काफी बदतर हैं। खाने-पीने की वस्तुओं की काफी किल्लत है। बाहर निकलने का कोई मार्ग नजर नहीं आ रहा। चारों ओर रूसी सैनिक हैं। रह-रह कर बमबारी काफी तेज हो जा रही है। कोई भी छात्र बाहर नहीं निकल पा रहा। सोनम ने इस दौरान अपनी मां आशा देवी व पिता सुरेंद्र मौर्या से कहा कि हमें जल्द बुला लो, यहां बहुत डर लग रहा है। मां आशा देवी की आंखें बेटी को यूक्रेन के हालात में फंसी देख नम हो जा रहीं थी। नायब तहसीलदार ने छात्रा को विश्वास दिलाया कि जल्द ही भारत सरकार सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वापस बुला लेगी। नायब तहसीलदार ने स्वजनों को धैर्य बनाए रखने की अपील की। और बताया कि जिला प्रशासन भी लगातार प्रयत्नशील है कि जल्द से जल्द कोई न कोई रास्ता निकाला जाए। इस दौरान लेखपाल विनोद यादव, छबीले सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
विनय सुरक्षित पहुंचा पोलैंड, परिजनों ने ली राहत की सांस
यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस के छात्र लालगंज के धसड़ा राजा गांव निवासी विनय कुमार पांडेय पोलैंड सीमा पर पहुंच गए हैं। यह जानकारी मिलने पर परिजनों ने राहत महसूस की।
भारत सरकार की एंबेसी ने विनय से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित होटल में पहुंचा दिया है। युद्धग्रस्त देश में संकट में फंसा छात्र पैदल और टैक्सी से यात्रा कर दूसरे देश में पहुंचने का प्रयास कर रहे। लालगंज क्षेत्र के विनय भी अपने साथियों के साथ पोलैंड की सीमा पर पहुंच गए हैं। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसलिए परिजनों से संपर्क टूट गया। इसलिए विनय के माता- पिता, भाई-बहन और बड़े पिता चिंतित हो गए। बेटे से मोबाइल संपर्क संपर्क टूटने के बाद विनय की माता ने भोजन छोड़ दिया था। उन्हें उस समय राहत महसूस हुई जब विनय ने किसी तरह से फोन कर बताया कि भारत सरकार की एजेंसी ने अपने संपर्क सूत्र से संपर्क कर पोलैंड के होटल में उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा है।