मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने दोषसिद्ध होने पर दामाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के दुगरहा निवासी महेंद्र कुमार माली ने पांच दिसंबर 2016 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन की शादी सूरज पुत्र पन्नालाल निवासी मुर्थवा रेनूकूट सोनभद्र हुई थी। तीन दिसंबर 2016 को सूरज रात को घर पर आया। चार दिसंबर की रात को खाना खाने के बाद उसके पिता भोलानाथ माली, बहनोई, उसकी पुत्री शालू, पुत्र मनीष बहनोई का पुत्र शिवम सो रहे थे। बाकी लोग दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात के को डेढ़ बजे बहनोई ने उसके पिता भोलानाथ माली के गले पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। हमला करने के बाद वह भाग गया। पुत्री शालू ने बताया कि बाबा को फूफा ने बांका से मारकर भाग गए। तहरीर पर पुुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराकर सबूत पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए आरोपी को दोष सिद्ध पाया। जज ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 20 हजार का अर्थदंड से दंडित किया।