किसान दिवस में अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताते किसान।- सोशल मीडिया।
मिर्जापुर। विकास भवन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों ने अपनी समस्याएं बताई। समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
पहाड़ी ब्लाक से आए किसान शारदा प्रसाद मिश्र ने फसल बीमा क्लेम का मुद्दा उठाया। कहा कि असमय हुई बारिश के चलते फसलों क्षतिपूर्ति अभी तक किसानों को प्राप्त नहीं हुई है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने चुनार तहसील क्षेत्र के कुंडाडिह, करहट, जादोपुर, बरईपुर, मकईपुर व अन्य गांव के किसानों की जमीन रेलवे में अधिग्रहण के बावजूद मुआवजे की राशि न मिलने की बात कही। बगही प्रधान रेशू पटेल ने कहा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से जलालपुर माफी के बीच की सड़क बाढ़ में पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। जिससे आवागमन में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान ने इसकी जांच कराकर अविलंब मार्ग दुरुस्त कराने की मांग की है। किसान दिवस में सिचाई, ध्वस्त नहरों का मुद्दा किसानों ने प्राथमिकता से उठाया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मौजूद अधिकारियों से किसानों से जुड़े मामले को प्राथमिकता के साथ निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस दौरान उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने विभाग की तरफ से किसानों के हितों में चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने पर जोर दिया। इस दौरान सीडीओ विशाल कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव सहित सिंचाई विभाग, बिजली विभाग सहित अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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शत्रु कीट के पहचान एवं मित्र किट की उपयोगिता के बारे में दी जानकारी
मिर्जापुर। पिपराडाड़ स्थित कृषि भवन सभागार में बुधवार को केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र गोरखपुर द्वारा आई पी एम पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन उप निदेशक कृषि रक्षा दीपक चौधरी ने किया। तकनीकी सत्र की शुरुआत केंद्र प्रभारी अधिकारी राजेंद्र कुमार की तरफ से आई पी एम पर अपने विचार रखे। उन्होंने मित्र कीट व शत्रु कीट के पहचान एवं उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने कीटनाशकों के हानिकारक प्रभाव व रासायनों के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया। केंद्र की तकनीकी अधिकारी श्वेता ने केंद्र द्वारा उत्पादित विभिन्न जैव करकों की क्षेत्र में उपयोगिता व मित्र कीटों के संवर्धन से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी।