मिर्जापुर चुनार कोतवाली क्षेत्र के तम्मनपट्टी निवासी किशोर की हत्या कर शव को कुएं में फेंकने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार को छह अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में साढ़े चार हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।
नंदलाल सिंह ने 30 अप्रैल 2014 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका 16 वर्षीय पुत्र विशाल उर्फ छोटू 26 अप्रैल 2014 को प्रेमशंकर तिवारी निवासी तिलंगा थाना रोहनिया जिला वाराणसी के लड़के के बारात में शामिल होने के लिए श्रीराम किशुन तम्मनपट्टी चुनार आया था। रात में 10-11 बजे डीजे पर नाचने को लेकर बारात पक्ष और घरातियों के बीच आपस में मारपीट हो गई। मारपीट के बाद उसका लड़का बारात से कहीं चला गया। उसका मोबाइल नंबर भी बंद हो गया। 30 अप्रैल 2014 को थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। दो मई 2014 को पुुत्र का शव कुंए से बरामद हुआ। इसके बाद धारा की बढ़ोत्तरी कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद आशीष, बुद्धिराम, सुनील कुमार उर्फ विक्की, सुजीत कुमार उर्फ सोले, अजीत उर्फ जिउत व राजन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपितो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों को परीक्षित कराने के साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने अलग-अलग धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाया। हत्या में सभी छह आरोपितों आशीष, बुद्धिराम, सुनील कुमार उर्फ विक्की, सुजीत कुमार उर्फ सोले, अजीत उर्फ जिउत व राजन को आजीवन कारावास की सजा सुनाया। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में साढ़े चार हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।