मिर्जापुर। शबे बरात पर बृहस्पतिवार की रात जिले की मस्जिदों को रोशन किया गया। साथ ही कब्रिस्तान में जाकर लोगाें ने अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ी। पूरी रात लोगों ने इबादत में गुजारी।
नगर के इमामबाड़ा, टेढ़वां व अन्य जगहों के कब्रिस्तानों में लोग गए और उन्होंने अपने पूर्वजों की कब्रों के आसपास सफाई की। फातिहा पढ़ी और अपने गुनाहों से तौबा की। मदरसा अरबिया के प्रधानाचार्य मौलाना नजम अली ने बताया कि यह रात अपने गुनाहों से तौबा करने की रात है।
इस रात इबादत कर अल्लाह तआला से अपने गुनाहों की माफी मांगने की रात है। इस रात परवरदिगार सभी लोगों की आने वाले समय में दी जाने वाली नेमतें व सजाओं को तय करता है। इसलिए जब इंसान अपने गुनाहों से तौबा करता है तो अल्लाह तआला उसको माफ कर उसको नेमत बख्शता है।