मिर्जापुर। जिले में एक जुलाई से परिषदीय विद्यालय खोलने की तैयारी चल रही है लेकिन बारिश से अव्यवस्था दूर करने के उपाय नहीं किए गए। जिले के 1806 विद्यालयों में से 200 ऐसे हैं, जहां जाने का रास्ता नहीं है, या फिर क्षतिग्रस्त है। वहीं, कई स्कूलों के परिसर में कीचड़ और पानी भर गया है।
नगर के संगमोहाल स्थित राणाप्रताप जूनियर हाईस्कूल और कंपोजिट विद्यालय मेवली में हर साल बरसात में अभी तो इस समय दोनों जगह कीचड़ जमा है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय महेवा, अघौली व अन्य कई विद्यालयों में जलभराव की समस्या से बच्चे परेशान होते हैं। महेवा में तो घुटने तक पानी भर जाता है। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों और बच्चों को संकट का सामना करना पड़ता है। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों से कहा गया है कि वे ग्राम प्रधान से समन्वय बनाकर समस्या का समाधान कराएं।
इन विद्यालयों तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं
जिले के कई विद्यालयों तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। छानबे ब्लॉक के राजकीय हाईस्कूल कुशहा व जासा बघौरा, प्राथमिक विद्यालय रन्नोपट्टी, चडेरुचौकठा, चक चेहरा,सुपंथा, डंगहर, बघेडाकला मार्ग विहीन हैं। गोसीपुर और तिलई मउवार के स्कूल के रास्ते में कीचड़ और पानी भरा रहता है। हलिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अहुगी खुर्द खुर्द तथा प्राथमिक विद्यालय मगरबिला जर्जर हो चुके हैं। वहां बारिश में छत से पानी टपकता है और परिसर में पानी भर जाता है। पटेहरा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय लालापुर में गेट के सामने रास्ता धंस गया है।