बसपा का जन्म ही दलितों, शोषितों, पीड़ितों एवं मजलूमाें को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए हुआ है। ज्योतिबाराव फूले, शाहूजी महाराज, नारायण गुरु और भीमराव अंबेडकर ने आजादी से पूर्व दलितों व मजलूमों को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। आजादी के बाद उसी कार्य को पहले कांशीराम और अब सुश्री मायावती कर रही हैं। यह बातें शुक्रवार को बसपा सुप्रीमो मायावती के 60 वें जन्मदिन पर सिटी क्लब मैदान में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद व जोनल कोआर्डिनेटर मुनकाद अली ने कही।
बहुजन समाज पार्टी की जिला यूनिट के तत्वावधान में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का 60 वां जन्मदिवस शुक्रवार को सिटी क्लब परिसर में जन-कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया गया। मुख्य अतिथि संग विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से 60 पौंड का केक काटा तथा कार्यकर्ताओं के बीच लड्डू का वितरण किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आजमगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद मंडल के जोनल को-आर्डिनेटर एवं राज्य सभा सांसद मुनकाद अली ने कहा कि ज्यातादर दिन सत्ता पर एक विशेष वर्ग का शासन रहा यही कारण है कि देश में आज भी देश के 25 करोड़ लोग सूरज की पहली किरण के साथ रोटी की तलाश में निकल पड़ते हैं। मझवां विधायक डा. रमेश चंद बिंद ने कहा कि आज प्रदेश में गुंडाराज कायम हो गया है,
जिससे दलितों, शोषितों, पिछड़ाें, असहायों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। बसपा नेता मो. परवेज खान ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के तहत काम करते हुए जनपद की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करना होगा। समारोह के दौरान जोन-कोआर्डिनेटर गुड्डू राम, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमिला सिंह, को-आर्डिनेटर कमला शंकर राव, मंडल को-आर्डिनेटर राज नरायन निराला सहित राम लौटन सिंह पटेल, अनमोल सिंह पटेल, धनेश्वर गौतम, नीलम सिंह, संजय सिंह गहरवार, घनश्याम पटेल, भगवान दास रत्ना ने भी सुश्री मायावती के दीर्घायु होने की कामना की। समारोह की अध्यक्षता बसपा के जिलाध्यक्ष राजेश गौतम व संचालन जिला महासचिव कमला प्रसाद सोनकर ने किया।