मिर्जापुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम आए लगभग दो महीने हो गए। लेकिन जिनके रिजल्ट त्रुटिपूर्ण हैं उनको परेशान हो रही। कई विद्यार्थियों के रिजल्ट पर क्रास का चिह्न लगा है तो कई के रिजल्ट ही अधूरे हैं। इससे उनको अगली कक्षा में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है।
इस बार यूपी बोर्ड ने कोविड- 19 के चलते हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड की परीक्षा नहीं कराई थी। सभी परीक्षार्थियों को प्रोन्नत कर दिया गया। प्रोन्नति के लिए पहले ली गई परीक्षाओं को ही आधार बनाया गया। मसलन हाईस्कूल के लिए नौवीं की परीक्षा व दसवी में छमाही की परीक्षा के अंकों को आधार पर परिणाम बनाया गया। इसी प्रकार 12वीं की परीक्षा के लिए हाईस्कूल के अंक व 11वीं की परीक्षा को आधार बनाया गया था। साथ ही छमाही या यूनिट टेस्ट के अंक जोड़े गए। इन प्रावधानों के चलते जहां कहीं परीक्षा नहीं कराई जा सकी थी या उसमें कुछ कमी थी। उसी के कारण रिजल्ट में क्रास का निशान आया या रिजल्ट अधूरा रहा। इसके लिए प्रबंधकों से कहा गया कि वे प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड के कार्यालय से संपर्क कर उसे ठीक कराएं। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका।
ऐसे आवेदकों की वास्तविक संख्या बता पाना संभव नहीं है। क्योंकि प्रबंधक सीधे बोर्ड आफिस जा रहे हैं लेकिन यह जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में रिजल्ट अधूरा है। - सत्येंद कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा 2021- एक नजर में
हाईस्कूल - 34795
बालक - 17824
बालिका - 16873
व्यक्तिगत- 98
इंटरमीडिएट - 28539
बालक - 14500
बालिका - 13428
व्यक्तिगत- 611