मिर्जापुर। आरोग्य मेले का आयोजन जिले के स्वास्थ्य व उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित किया जा रहा है। इसी आरोग्य मेला से एक बच्चे का नई जिंदगी मिली है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से बच्चे का आपरेशन किया गया अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
राष्ट्रीय बाल किशोर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजय ने बताया कि नव वर्ष की शुरूआत में टीम ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के विभिन्न प्रकार के बीमारियों की जांच की। इसमें टीम ने 2200 बच्चों की स्क्रीनिंग की। मानक के अनुरूप नहीं मिलने वाले बच्चों को मंडलीय चिकित्सालय स्थित एनआरसी सेंटर भेजा गया। कार्यक्रम के संयोजक विनय सिंह ने बताया कि जब टीम जमालपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची तो सरिता पत्नी महेश के नौ माह के बच्चे कान्हा को जन्मजात दिल में छेद पाया गया। इसपर उसे हर रविवार को आयोजित होने वाले आरोग्य मेले के बारे में बताया गया। आरोग्य मेले पर आने पर वहां पर उपस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर के डॉ. राजन ने अपनी देखरेख में टेलीमेडिसिन के माध्यम से सफलता पूर्वक उसका आपरेशन किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीडी गुप्ता ने डाक्टर की सराहना की। बताया कि इस तरह के बच्चों में जन्मजात दोषो का प्रतिशत चार है। जिसमें से एक प्रतिशत बच्चों के दिल में जन्मजात दिल के छेद के साथ ही जन्म लेते है। दिल में छेद से प्राय: बच्चों में सबसे ज्यादा लक्षण हाथ, पैर, जीभ का नीला पड़ जाना ठीक तरह से सास न ले पाना और मां का दूध भी ठीक तरीके से पी न पाना एवं खेल कूछ में जल्दी थक जाना है।