- चेतावनी के बाद भी ई-केवाईसी न कराने पर संदेह के घेरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में ई-केवाईसी न कराने पर तीन महीने से 174000 लाभार्थियों का खाद्यान्न जिला पूर्ति विभाग ने रोक दिया है। चेतावनी के बाद भी इन लाभार्थियों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई। विभाग इन्हें संदिग्ध मानकर जांच कराएगा। शासन के निर्देश पर इनकी पात्रता निरस्त भी की जा सकती है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए सरकार की ओर से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी योजना के लाभार्थियों को निशुल्क राशन का वितरण प्रतिमाह किया जाता है। खाद्यान्न वितरण में पारर्शिता और शुचिता के लिए निर्देश है कि हर राशन कार्ड के प्रत्येक यूनिट या लाभार्थियों का सत्यापन कराकर उनका ई-केवाईसी कराया जाए। ताकि उनका अभ्यर्थन सिद्ध हो सके। इसके लिए कई महीने पहले से ही अभियान चलाकर प्रत्येक लाभार्थी की ई-केवाईसी कराई जा रही थी। जिले में वर्तमान में 456025 राशन कार्ड हैं। इनमें से 59665 अंत्योदय तथा 386360 पात्र गृहस्थी योजना के कार्ड धारक हैं। इनमें कुल 1915596 यूनिट पंजीकृत हैं। इनमें से सभी को अपने कोटेदार के माध्यम से ई-केवाईसी कराने को कहा गया। इनमें से 1700000 लाभार्थी या यूनिट की ई-केवाईसी हो गई। 215000 का जब खाद्यान्न रोका गया तो उनमें से लगभग 42000 यूनिट ने ई-केवाईसी कराई लेकिन अभी भी 174000 यूनिट का ई-केवाईसी नहीं हुईजिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिनका खाद्यान्न रोका गया है, यदि वे ई-केवाईसी करा लेते हैं, तो उनका खाद्यान्न शुरू किया जाएगा अन्यथा शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में हैं 1089 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 1089 दुकानें हैं। यहां से लाभार्थियों को नि:शुल्क राशन दिया जा रहा है। केवल नगर में ही 85 दुकानें हैंं। इनमें लाभार्थियों के अंगूठे की स्कैनिंग करके अथवा आईरिश जांच कर ही खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। वितरण के ऑनलाइन होने से लाभार्थी भी संतुष्ट रहते हैं।