मिर्जापुर। नगर पालिका मिर्जापुर को नगर निगम बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों व पालिकाध्यक्ष सहित नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक के बाद बोर्ड की 22 दिसंबर को होने वाली बैठक में चर्चा होगी। इसके लिए नगर पालिका परिषद का नये सिरे से परिसीमन किया जाएगा। हालांकि पहले से पालिका क्षेत्र में इलाके तो वैसे ही रहेंगे लेकिन अब आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इसके लिए सात किलोमीटर के क्षेत्र के 90 गांवों को पालिका क्षेत्र में मिलाया जा सकता है। इसके बाद मिर्जापुर नगर निगम का क्षेत्र व्यापक हो जाएगा। सीमा विस्तार के साथ शासन द्वारा नगर निगम की घोषणा हो सकती है। सीमा विस्तार के बाद जिला प्रशासन द्वारा मिर्जापुर को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव, नियमानुसार शासन को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए नगर पालिका परिषद मिर्जापुर को नगर निगम बनाने की कवायद चल रही है। नगर निगम बनाने के लिए पश्चिम दिशा में प्रयागराज मार्ग पर अकोढ़ी गांव तक, सोनभद्र मार्ग पर बरकछा तक, दक्षिण में करनपुर चौकी तक, पूरब में अघवार गांव, उत्तर में पुरजागीर गांव तथा उत्तर-पूरब में गुरुसंडी नुआंव गांव तक विस्तार की योजना है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के सीमा विस्तार संग नगर निगम बनने से क्षेत्र का चतुर्दिक विकास हो सकेगा।
इस प्रकार के मिल सकते हैं लाभ
मिर्जापुर। नगर निगम बनने से शासन से विकास निधि के लिए अलग से बजट मिल सकेगा। साथ ही वेतन व बजट के लिए वित्त आयोग की राशि से बजट मिलेगा। निगम क्षेत्र विकास के लिए अवस्थापना निधि से विकास की राशि मिलेगी। इसके साथ ही केंद्रीय वित्त आयोग से भी सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन से भी सफाई के लिए बजट मिलेगा। इस समय जिले की जनसंख्या 21 लाख 14 हजार आठ सौ 52 है, जबकि पालिका क्षेत्र की जनसंख्या दो लाख पांच हजार दो सौ 64 है।
नगरीय क्षेत्र के विकास के मद्देनजर नगर पालिका परिषद मिर्जापुर का 90 गांवों तक सीमा विस्तार किया जा सकता है। यह प्रस्ताव 22 दिसंबर को बोर्ड की बैठक में लाया जाएगा। बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजकर नगर निगम बनाने की मांग की जाएगी।
- मनोज जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष, मिर्जापुर