आयुक्त कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सूचना अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
पथरहिया स्थित आयुक्त सभागार में राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के चल रहे प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। तीसरे दिन सोनभद्र जिले के सूचना अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य सूचना आयुक्त ने जन सूचना की बारीकियों को बताया। कहा कि सोनभद्र जिले में 342 मामले लंबित हैं। मामलों के निस्तारण में तेजी लाए।
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना देने के प्रति सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। जिससे प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम 12 अक्तूबर 2015 से पूरे देश में लागू है। अधिनियम को प्रभावी बनाने का हरसंभव प्रयास करें। जनसूचना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। सूचना मांगने वाले लोगों को समय से सूचना दें।
उन्होंने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को सूचना अधिकार का क्रियान्वयन, व्यवहारिक प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना, लोक प्राधिकरण के नियंत्रण में उपलब्ध सूचना को जनता तक पहुंच को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नियमावली सूचना प्रगट करने की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। लोक प्राधिकरण सूचना अधिकार, आवेदन का विस्तृत परीक्षण, शुल्क की गणना, पंजीकरण, निस्तारण आदि की जानकारी दी। डीएम कंचन वर्मा ने कहा कि सभी जन सूचना अधिकारी प्रशिक्षण को सावधानीपूर्वक प्राप्त करें और निस्तारण में तेजी लाएं।
डीएम सोनभद्र सीबी सिंह ने कहा कि अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त करने और आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रारंभ से अंत तक चरणबद्ध और तर्कसंगत रूप से स्थापित करती है। वहीं स्टेट रिर्सोस विशेषज्ञ डा. राहुल सिंह ने उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार अधिनियम की बिंदुवार जानकारी दी। इस दौरान सीडीओ अमित कुमार सिंह, डीसी मनरेगा एनएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।