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नोटबंदी से घर-गृहस्थी चलाना हुआ मुश्किल

Sat, 19 Nov 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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नगर के लालडिग्गी स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के बाहर पैसे लेने को उमड़ी महिलाएं।
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नोट बंदी ने गृहणियों और दूकानदारों दोनों का बजट गड़बड़ा दिया है। गृहणियां जहां छोटे नोट नहीं होने के कारण घर का बजट बेहद संभाल कर बना रही हैं वहीं दूकानदार उधार देते देते थक गए हैं। उनका कहना है कि अब दूकानों की पूंजी गड़बड़ होने लगा है। बच्चों की फीस से लेकर गर्म कपड़ों तक की खरीददारी रोक दी गई है। 
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वह तो भला है कि सभी त्योहार नोट बंदी के पूर्व ही निपट गए हैं नहीं तो लोगों की हालत और खराब हो गई होती। गृहणियों का कहना है कि रोजाना का खर्च हाथ दबा कर करना पड़ रहा है। लालडिग्गी की निवासिनी रागिनी देवी ने कहा कि घर का बजट गड़बड़ हो गया है। सामान्य खाना बनाया जा रहा है। पकौड़ी और हलवा बनाना कम किया गया है ताकि सौ सौ के नोटों को कम से कम खर्च किया जाय क्योंकि बैंक और एटीएम पर पैसा लेने के लिए लंबी लाइनें लगाने के बावजूद परेशानी हो रही है। 

गोसाईटोला की निवासिनी जूही चौरसिया ने कहा कि मायके में शादी पड़ी है लेकिन पुराने नोटों के बंद होने के कारण खरीददारी में समस्या आ रही है। नये और छोटे नोट पर्याप्त मात्रा में मिल नहीं पा रहे हैं। कछवां के बरैनी गांव निवासिनी रीता देवी का कहना है। सब्जी लेना और बच्चों की स्कूल की फीस देना मुश्किल हो गया है। कछवां की ही सविता देवी के घर पर तिलक समारोह का आयोजन है लेकिन पैसे की कमी सब जायका बिगाड़ रहा है। कहा कि सम्मान बचाने के लिए लोगों से उधार लेना पड़ रहा है।  
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